महंत की मौत के बाद देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित गोरखनाथ आश्रम की करीब एक करोड़ की भूमि को फर्जी दस्तावेज के आधार पर हड़पने की साजिश एसआईटी ने नाकाम कर दी। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर 13 लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया गया है। इनमें तत्कालीन लेखपाल व रजिस्ट्री ऑफिस का रिकॉर्ड कीपर भी शामिल है। इस फर्जीवाड़े में सरकारी तंत्र की संलिप्तता भी उजागर हुई है।
पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि महंत रामनाथ निवासी जगरवा, पंजाब और संजय पुंडीर निवासी ढंडेरा, रुड़की ने द्रोण वाटिका कॉलोनी सहस्त्रधारा रोड स्थित प्लाट पर अपना-अपना दावा करते हुए शिकायत की थी। जमीन से जुड़ी शिकायत होने पर इसकी जांच एसआईटी को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान महंत रामनाथ ने इस प्लाट को संगमनाथ योगी निवासी मोतिया खान नई दिल्ली से खरीदना बताया तो संजय ने अपने पिता मगननाथ के नाम पर संगमनाथ की वसीयत होने का दावा किया। टीम जब जांच के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची तो मूल रजिस्ट्री पर संगमनाथ के नाम पर कटिंग देखकर शक हुआ।
एसआईटी ने खंगाले रिकॉर्ड तो हुआ खुलासा
Fraud
रजिस्ट्री के स्टांप के बारे में अभिलेखागार जाकर जांच की गई तो पता चला कि स्टांप सोमनाथ योगी के नाम खरीदे गए थे। रजिस्ट्रार ने भी माना कि स्टांप क्रेता के नाम पर ही होते हैं। जांच में पता चला कि यह प्लाट 1998 में बाबा सोमनाथ ने गोरखनाथ आश्रम बनाने के लिए खरीदा था।
1999 में उन्होंने इस भूमि पर गोरखनाथ नाम से आश्रम बनाने के लिए नक्शे का आवेदन किया। तत्कालीन पटवारी ने इस अनुमति पर अपनी रिपोर्ट में सोमनाथ के नाम रजिस्ट्री और दाखिल खारिज होने की पुष्टि की थी। मार्च 1999 में अनुमति भी मिल गई, लेकिन तभी सोमनाथ की मृत्यु हो गई। रिटायर्ड पायलट सोमनाथ के कोई संतान न होने से यह प्लाट तब से खाली पड़ा था।
आईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि भूमाफि या ने 2011 में रजिस्ट्रार कार्यालय और तहसील से मिलकर इस प्लाट की रजिस्ट्री संगमनाथ के नाम से बदल दी। प्लाट के बंटवारे पर भूमाफिया आपस में भिड़ गए। एक पक्ष के मांगा निवासी मंगलौर ने प्लाट संगमनाथ से खरीदना दिखाकर अपने नाम दाखिल खारिज करा लिया।
13 लोगों के खिलाफ होगा मुकदमा
- फोटो : Demo Pic
इस मामले में दोनों ने एसएसपी से शिकायत की थी। जांच में जालसाजी का मामला सामने आया। आईजी ने संगमनाथ के नाम दाखिल ख़ारिज की रिपोर्ट लगाने वाले तत्कालीन लेखपाल राधेश्याम पैन्यूली और रजिस्ट्रार ऑफिस के अज्ञात रिकॉर्ड कीपर समेत 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने उपनिरीक्षक आरके सकलानी की अगुवाई वाली टीम को दस हजार का इनाम भी दिया।
आश्रम की जमीन को हड़पने के लिए सुनियोजित तरीके से पूरी जालसाजी की गई है। लेखपाल, राजस्व और रजिस्ट्रार आफिस की भी साठगांठ उजागर हुई है। राजपुर पुलिस को जल्द से जल्द साक्ष्य जुटाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
-संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल रेंज