तिहरे हत्याकांड को मेरठ के तीन युवकों ने रेप में विफल होने के चलते ही अंजाम दिया था। हरिद्वार पुलिस और एसओजी ने हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से हत्याकांड में प्रयुक्त देसी तमंचा, एक डंडा और मृतक रामआसरे का मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
सीओ सिटी कार्यालय में एसएसपी राजीव स्वरुप ने हत्याकांड का खुलासा किया। बकौल एसएसपी मृतक रामआसरे के मोबाइल फोन की आईएमईआई चलाई गई तब पता चला कि मोबाइल फोन में चल रहे सिम कार्ड पर आईडी प्रूफ अकबर पुत्र रियाजुउद्दीन निवासी दरबेशपुर थाना सरधना मेरठ की है।
घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी पर स्थित कोकाकोला गोदाम पर 11 जून को आए ट्रक चालक के संबंध में जब पड़ताल की गई तो पता चला कि अकबर अपने साथी चालक वकील उर्फ चांद पुत्र शकील निवासी मोहल्ला श्यामनगर लिसाडी गेट मेरठ व चांद मोहम्मद पुत्र नवाब कुरैशी निवासी समर कालोनी चालीस फुटा रोड दिलदार डेरी के पास लिसाडीगेट मेरठ के साथ यहां आया था। शनिवार की देर रात मुखबिर की सूचना पर उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में मोतीचूर पार्किंग के पास से इन सभी को पकड़ा गया।
बकौल एसएसपी, पूछताछ में पेशे से ट्रक चालक रहे युवकों ने कबूला कि उन्होंने शीला से शारीरिक संबंध बनाने चाहे थे। पर, विरोध कर देने पर बुजुर्ग क्रांति देवी भी आ गई। महिलाओं पर डंडे से ताबड़तोड़ वार किए और शीला का गला दबाया।
इसी बीच चीख पुकार सुनकर आए रामआसरे की हत्या कर दी गई। एसएसपी ने बताया कि तिहरे हत्याकांड को अंजाम देकर घटनास्थल से फरार होने में कामयाब रहे थे। इस दौरान सीओ सिटी प्रकाश देवली, कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया, एसएसआई गिरिश शर्मा, एसओ श्यामपुर अनुज सिंह, एसओजी प्रभारी नरेंद्र बिष्ट मौजूद रहे।
ये रहे टीम में शामिल
पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया, एसओ श्यामपुर अनुज सिंह, एसओजी प्रभारी नरेंद्र बिष्ट, एसएसआई गिरीश चंद्र शर्मा, एसआई कुंदन राणा, एसआई प्रदीप रावत, सुंदर लाल, मनीष रावत, हेमंत, शशिकांत, उमेश, हरवीर, नरेंद्र, विवेक यादव, पदम सिंह शामिल रहे।