रुड़की बम धमाके का सच जानने के लिए पुलिस की टीमें बुधवार को भी जुटी रही। एनआईए और दिल्ली की टीमों के लौट जाने के बाद एसटीएफ तथा स्थानीय पुलिस की टीमें अपने स्तर से जांच को आगे बढ़ा रहीं हैं।
पुलिस की जांच घटनास्थल से मिली एक वीडियो सीडी पर आकर टिक गई है। विवेचना कर रही टीम ने मृतक तुषार का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों से भी बातचीत की। इसी बीच शहर में पुलिस का चेकिंग और सत्यापन अभियान जारी रहा।
एनआईए ने भी की थी जांच
छह दिसंबर को हुए धमाके में कक्षा छह के छात्र तुषार की मौत हो गई थी। धमाके को साजिश मानकर की जा रही जांच के चलते दिल्ली से एनआईए और विशेष सेल की टीम मंगलवार को साक्ष्य जुटाकर लौट गई थी।
स्थानीय पुलिस को अब उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। वैसे स्थानीय पुलिस पहले ही दावा कर चुकी है कि इस धमाके में पोटेशियम क्लोरेट नामक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।
यूपी में भेजी गईं टीमें
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि बिजनौर, मेरठ और अन्य स्थानों पर जांच के लिए टीमें भेजी गई है। अभी उन टीमों के लौटने का इंतजार है। इस बीच तुषार का पोस्टमार्टम करने वाली टीम के डॉक्टर से पुलिस ने तुषार के जख्मों समेत अन्य जानकारी ली।
डॉक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों को दोहराया। पुलिस इस जानकारी से विस्फोटक के प्रकार के बारे में जानना चाहती है। उधर, पुलिस ने दिनभर रुड़की, भगवानपुर, मंगलौर तथा लक्सर आदि क्षेत्रों में सत्यापन अभियान चलाया।