नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती एक सरिया सप्लायर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसके शरीर पर कई जगह चोट, जबकि हाथों पर रस्सी से बांधे जाने के निशान मिले।
परिजनों ने सप्लायर के ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र स्थित हरभजवाला निवासी रघुवीर सिंह यादव (38) पुत्र महावीर सिंह सरिया और निर्माण सामग्री का सप्लायर था।
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हौसला नशा मुक्ति केंद्र में था भर्ती
बताया जा रहा है कि वह शराब का आदी था। शनिवार को पत्नी कमलेश और बेटे गौरव के साथ धर्मपुर स्थित ससुराल गया था। शाम को पत्नी और बेटा घर लौट गए, जबकि रघुवीर वहीं रुक गया।
रविवार को उसे अजबपुर स्थित हौसला नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया। गुरुवार सुबह केंद्र के कर्मचारियों ने कमलेश के मायके में फोन कर बताया कि रघुवीर की तबीयत बिगड़ गई है।
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इस पर रघुवीर का साला अजय वहां पहुंचा और उसे लेकर दून अस्पताल गया। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर कमलेश भी अस्पताल पहुंच गई। बाद में निजी एंबुलेंस से कमलेश और उसके परिजन रघुवीर का शव लेकर हरभजवाला स्थित घर पहुंचे।
हंगामा शांत किया
रघुवीर का शव देखते ही उसके भाई रमेश और वेदप्रकाश भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रघुवीर के ससुरालियों ने नशा मुक्ति केंद्र ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह हंगामा शांत किया। भाइयों का कहना था कि रघुवीर और उसकी पत्नी में अकसर विवाद होता था।
इंस्पेक्टर एमपी सैनी ने बताया कि रघुवीर की छाती, पेट और पीठ पर चोट और हाथों पर रस्सी के निशान मिले हैं। बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह साफ होगी।
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शरीर पर चोटों के निशान
किसी ने मामले में शिकायत नहीं की है। उधर, हौसला मुक्ति केंद्र के निदेशक गिरीश आनंद का कहना है कि रघुवीर अत्यधिक शराब पीने का आदी था।
लगातार दौरे पड़ने से उसके शरीर पर चोटों के निशान बन गए थे। बताया कि वह किसी को नुकसान न पहुंचाए इसके लिए उसके हाथ बांधे गए थे।