राजधानी दून में एक अधिवक्ता के घर में घुसकर उसकी पत्नी को बंधक बनाकर बदमाशों ने लूट को अंजाम दे दिया। विरोध करने पर अधिवक्ता की पत्नी के सिर पर तमंचे के बट से वारकर उसे लहूलुहान कर दिया।
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लेकिन पड़ोस के एक छात्र की हिम्मत के चलते एक चोर घर से कुछ दूरी पर धरा गया। इसके बाद पुलिस ने तलाशी शुरू की और कुछ ही देर में सभी चोर पकड़ लिए गए। उनसे लूटे गए जेवर और नकदी बरामद कर ली गई।
दून के बसंत विहार थाना क्षेत्र के दत्ता एन्क्लेव में अधिवक्ता शंकर शरण अग्रवाल पत्नी वंदना अग्रवाल संग रहते हैं। ओएनजीसी में तैनात उनका बेटा रचित अग्रवाल आगरा में रहता है।
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रोज की तरह अग्रवाल शुक्रवार साढ़ें नौ बजे कचहरी चले गए। पौने ग्यारह बजे नौकरानी भारती यादव काम पर आई। उसके आने के करीब एक घंटे बाद तीन बदमाश घर में घुस आए। एक दरवाजे पर खड़ा रहा, जबकि दो भीतर आ गए।
घर में घुसते ही एक बदमाश ने झपटकर वंदना का मुंह दबा दिया। दूसरे ने कमरों में सामान उलटने के बाद सोने की अंगूठी, सोने का एक कड़ा और आठ हजार रुपये लूट लिए।
पड़ोसी किशोर की हिम्मत से धरे गए बदमाश
इस बीच वंदना ने किसी तरह खुद को छुड़ाकर शोर मचा दिया। शोर मचाने पर बौखलाए बदमाश ने वंदना के सिर पर तमंचे की बट से वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी। इसके बाद तीनों बदमाश भाग निकले।
वंदना का शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाले बैंक अधिकारी का बेटा कार्तिक गोयल सड़क पर आ गया। बदमाशों को भागते देख उसने उनका पीछा शुरू कर दिया।
रास्ते में एक सब्जी विक्रेता ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने तमंचा दिखाकर उसे पीछे कर दिया। इसके बाद भी कार्तिक ने पीछा नहीं छोड़ा।
कुछ आगे सादी वर्दी में आ रहे सिपाही जोगेंद्र ने कार्तिक से पूछताछ की। पूरा माजरा जानने के बाद वह भी कार्तिक संग बदमाशों के पीछे लग गया। दोनों ने बल्लीवाला चौक के पास अंकित निवासी मंडी सहारनपुर को दबोच लिया।
इस बीच जोगेंद्र ने पुलिस को सूचना दे दी। एसपी सिटी अजय सिंह, शंकर अग्रवाल, बार संघ अध्यक्ष राजीव शर्मा उर्फ बंटू, सचिव रघुवीर सिंह कठैत समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। वंदना को घायल अवस्था में महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नौकरानी ने रची साजिश, पति भी शामिल
इसके बाद पुलिस ने अंकित से पूछताछ शुरू की तो एक के बाद लूट की साजिश का पर्दाफाश हो गया। कुछ ही देर में नौकरानी भारती, उसके पति किशनजीत सिंह निवासी बावरी शामली को दबोच लिया।
उनसे जेवर, नकदी और लूट में प्रयुक्त तमंचा, तलवार बरामद कर लिए गए। एसएसपी अजय रौतेला ने पुलिस टीम को ढाई हजार, जबकि डीआईजी ने पांच हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
12 दिन में दे दिया अंजाम एसएसपी अजय रौतेला ने बताया कि लूट की पूरी साजिश अधिवक्ता के घर काम करने वाली भारती यादव ने रची थी। पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया। पूछताछ में मालूम हुआ कि किशनजीत सिंह भारती का पति है, जबकि अंकुर और अंकित रिश्ते के देवर।
भारती ने पहले पति की मौत के बाद किशन से शादी की थी, वह दत्ता एन्क्लेव में ही किराये पर रह रही थी। वंदना ने चार अक्तूबर को ही भारती को काम पर रखा था। इसी दौरान उसने भांप लिया कि यहां अच्छी खासी नकदी और जेवरात मिल सकते हैं। सिर्फ 12 दिन में भारती ने लूट की साजिश रच ली।
वंदना से पता चला कि भारती शुक्रवार को तय वक्त पर आई थी। कुछ देर बाद उसके बच्चे भी अधिवक्ता के घर आ गए और आंगन में खेलने लगे। वंदना ने बताया कि काम के दौरान अन्य दिनों के मुकाबले भारती के मोबाइल पर काफी ज्यादा कॉल आ रही थी।
भारती ने पूछताछ में बताया कि उसने ही मिस कॉल कर पति और देवरों को लूट के लिए बुलाया था। लूट के दौरान उसने विरोध का बहाना भी किया। लूट के बाद भी वह कुछ देर अधिवक्ता के घर में ही रही। इसके बाद बच्चों को कमरे पर छोड़ने के बहाने से निकल गई थी।
मकान मालिक को नहीं दी आईडी मूलत: बिहार की रहने वाली भारती दत्ता एन्क्लेव में ही बाबूराम धीमान के मकान में किराये पर रह रही थी। धीमान ने बताया कि वह पांच दिन से भारती पर आईडी देने का दबाव बना रहे थे, लेकिन हर रोज वह कोई बहाना बना दे रही थी।
चेन लूट का भी हुआ खुलासा अधिवक्ता के घर लूट के बाद यह भी खुलासा हुआ कि पुलिस ने दो दिन पूर्व दत्ता एन्क्लेव निवासी कांता जायसवाल से हुई चेन लूट की बात पचा ली थी। वारदात के बाद मौके पर पहुंची पीड़िता ने पुलिस अफसरों को चेन लूट का केस दर्ज न करने की शिकायत की। इस पर नाराजगी जताते हुए एसएसपी ने बसंत विहार पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।