सौतेले पिता द्वारा बेटी के साथ दुराचार की मेडिकल जांच में भी पुष्टि हुई है। आरोपी पिता को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण सिविल जज जूनियर डिवीजन के समक्ष पेश किया गया।
न्यायालय ने आरोपी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। आरोपी को एक दिन बाद फिर जिला एवं सत्र कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शनिवार को नगर में यह सनसनीखेज मामला सामने आया था। 50 वर्षीय सौतेला बाप अपनी 15 वर्षीय बेटी की अस्मत से एक साल से खेल रहा था।
पत्नी ने ही दी पति के खिलाफ तहरीर
नौवीं में पढ़ने वाली किशोरी महिला समाख्या के माध्यम से कोतवाली पहुंची थी। किशोरी की मां की ओर से कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने के बाद देर रात पुलिस ने आरोपी अर्जुन देव को गिरफ्तार कर लिया था।
किशोरी का राजकीय संयुक्त अस्पताल में मेडिकल कराया गया। जांच अधिकारी एसएसआई डीएस असवाल ने बताया कि मेडिकल में दुराचार की पुष्टि हुई है।
उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण आरोपी को सीजेएम कोर्ट श्रीनगर में पेश किया गया। जहां से उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
पिता का साया देने के लिए थामा था हाथ
पीड़ित किशोरी की मां का कहना है कि अपनी बेटी के सिर पर पिता का साया देने के लिए उसने दस साल पहले इस व्यक्ति के साथ शादी की थी।
शादी के बाद उसकी भी एक बेटी हुई है लेकिन जिसका साया वह अपनी बेटी के सिर पर लाना चाहती थी, वहीं शैतान बन कर सामने आया।
‘बेटी की जिंदगी बर्बाद नहीं होने देंगी’
पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। आरोपी मजदूरी करता था। वह गांव में किराये के एक कमरे में रहते हैं। लेकिन अब खुद के साथ दोनों बेटियों की परवरिश की जिम्मेदारी भी महिला पर आ गई है।
हालांकि महिला का कहना है कि वह कुछ भी करके बेटियों को पाल लेगी, लेकिन पति के हाथों अपनी बेटी की जिंदगी बर्बाद नहीं होने देगी।
हिम्मत दिखाई तो खुला मामला
पिता की करतूतों से तंग आकर पीड़िता पहले भी पुलिस के पास आई थी। तब वह पुलिस को खुलकर नहीं बता पाई थी। एक महीने से घर छोड़कर पड़ोस में रह रही थी।
उसके बाद वह महिला समाख्या तक पहुंची। जहां से मामला पुलिस तक पहुंचा। महिला संमाख्या की जिला समन्वयक प्रीति थपलियाल का कहना है कि पिता के नाम को कलंकित करने वाले ऐसे व्यक्ति को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।