गजब संयोग है न्यायालय ने एक ही दिन एक बलात्कारी को दस साल की सजा सुनाई तो एक दुराचारी पुलिसकर्मी को भी सलाखे दिखा दी। दोनों ही अलग-अलग मामलों में आरोपी हैं।
मिली दस साल की कैद
दुराचार में दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने एक व्यक्ति को 10 साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी। 23 सितम्बर 2012 को पीड़िता के भाई ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि उसकी 11 साल की बहन पानी लेने गई थी, जहां अमृत लाल सोनकर नाम का युवक जबरन उसे अपने घर ले गया और उसके साथ दुराचार किया। कोर्ट में अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए अदालत ने इस मामले में सजा सुनायी।
दुराचार के मामले में पुलिसकर्मी को जेल
विधवा महिला को शादी का झांसा देकर कुकर्म करने के मामले में पुलिसकर्मी को जेल भेज दिया गया। इससे पहले थाना बसंत विहार में मुकदमा दर्ज होने के बाद सिपाही ने कोर्ट में सरेंडर किया।
महिला ने गंभीर आरोप लगाए
मालूम हो कि सिपाही संदीप चौधरी पर महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने तब मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया था, लेकिन जब वादी की तरफ से सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो मुकदमा दर्ज किया गया।