चाकू की नोक पर नाबालिग के साथ दुराचार के मामले में अदालत ने आरोपी को सात साल की सजा सुनाई है। साथ हीं पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। देहरादून में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुराचार के दोषी को एडीजे प्रथम की अदालत सजा यह सुनाई।
जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इसी मामले के सह आरोपी को अदालत ने दोषमुक्त पाते हुए बरी कर दिया।
12 जुलाई 2011 को कैंट कोतवाली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि दो दिन पहले उसकी नाबालिग बेटी घर से स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं आई।
पुलिस ने लड़की को सहारनपुर के एक घर से बरामद कर सचिन और अर्जुन सैनी को गिरफ्तार किया। छानबीन में पता चला कि सचिन नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर दून से सहारनपुर ले गया और और वहां उसके साथ दुराचार किया, जबकि उसके दोस्त अर्जुन ने अपनी बहन के घर पर लड़की को ठहराने में मदद की थी।
अदालत में सचिन ने कहा कि लड़की ने खुद को बालिग बताया था और अपनी सहमति से उसके साथ आई। वहीं, लड़की ने अदालत को बताया कि अभियुक्त सचिन ने चाकू की नोक पर उसके साथ दुराचार किया है।
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी सचिन को दोषी पाते हुए सात साल के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।