अदालत ने छात्रा से बलात्कार के आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामला राजधानी देहरादून के कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
क्षेत्र की एक महिला ने वर्ष 2009 में पड़ोस के युवक के खिलाफ उसकी बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
आठ गवाह पेश किए गए
महिला ने कहा कि उसकी बेटी कक्षा आठ में पढ़ती थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बलात्कार की धारा बढ़ गई थी। प्रकरण में अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता आरएस राघव ने कहा कि लड़की ने 164 के बयान में दुराचार से इनकार किया था।
जबकि मामले की सुनवाई के दौरान वे दुराचार का आरोप लगा रही है। उन्होंने मामले को झूठा करार दिया। जिस पर अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।