बीवी अनुपमा की हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनकर कटघरे में खड़े कातिल राजेश गुलाटी का चेहरा पीला पड़ गया। सजा को लेकर राजेश ने अपने अधिवक्ताओं से काफी देर तक मंत्रणा की। इसी बीच उसने यह सवाल भी किया कि क्या अब वह जेल से बाहर नहीं आ पाएगा।
अधिवक्ताओं ने भरोसा दिया कि केस में कई बड़ी कमजोरियां हैं। ऊपरी अदालत से सौ प्रतिशत राहत मिलने की उम्मीद है, तब जाकर गुलाटी थोड़ा सामान्य हुआ।
अनुपमा के कत्ल और सुबूत छिपाने के आरोप में बृहस्पतिवार को दोषी ठहराए जाने के बाद से राजेश गुलाटी बेहद विचलित है। दोषी करार देने के बाद राजेश ने चेहरे पर झूठी मुस्कान लाने की कोशिश की थी। शुक्रवार सुबह सजा सुनाने से पहले उसे कोर्ट परिसर में लाया गया तो उसके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था।
वकील ने कातिल को दी राहत
rajesh gulati
पौने तीन बजे के करीब सजा ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया तो वह उसके चेहरे का रंग उड़ गया। सजा के बाद जरूरी पत्रावलियों पर हस्ताक्षर करने के बाद राजेश गुलाटी ने कटघरे में ही अपने अधिवक्ता उत्कर्ष से काफी देर तक मंत्रणा की। आजीवन कारावास में कितनी सजा होगी, क्या अब वह जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा।
उसने अपने अधिवक्ता से तमाम ऐसे सवाल किए। अधिवक्ता ने राजेश गुलाटी को भरोसा दिया कि केस में कई कमजोरियां रही हैं, जिसे बचाव पक्ष शुरुआती सुनवाई में ठीक ढंग से नहीं उठा सका है।
हाईकोर्ट में अपील में निसंदेह राहत मिल जाएगी। सहयोगी अधिवक्ताओं से भी राजेश गुलाटी बात करता रहा। हालांकि शुक्रवार को भी राजेश ने मीडिया से बात करने से मना कर दिया।