उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थानीय रेलवे स्टेशन पर टिकट आरक्षण में दलाली के खेल का खुलासा हुआ है। क्राइम इंटेलिजेंस ब्यूरो (सीआईबी) की टीम ने टिकट आरक्षण बुकिंग कक्ष में छापेमारी करते हुए पांच दलालों को धर दबोचा है।
हड़कंप की स्थिति
उनके पास से भारी मात्रा में रिजर्वेशन फार्म बरामद हुए। टीम सभी को वाहन में बिठाकर साथ ले गई है। इस कार्रवाई से स्टेशन कर्मियों में हड़कंप की स्थिति रही।
सोमवार सुबह डीआरएम कार्यालय मुरादाबाद से क्राइम इंटेलिजेंस ब्यूरो निरीक्षक सीपी सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम रेलवे स्टेशन पहुंची और यहां टिकट आरक्षण बुकिंग काउंटर के बाहर पहले दूसरे नंबर पर खड़े लोगों से पूछताछ की। संतोषजनक जवाब नहीं मिला। तलाशी ली गई तो उनके पास कई रिजर्वेशन फार्म मिले।
दलाल होने का संदेह होने पर टीम ने पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। आरक्षण कक्ष में कागजी कार्रवाई करने बाद टीम सभी को पकड़कर साथ ले गई।
सक्रिय दलालों को कहां ले जाया गया, इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों को भी नहीं है। मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक एनके शर्मा ने बताया कि सीआईबी टीम ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की। काउंटर के बाहर से छह लोगों को पकड़ा है, जिन्हें जीप में बिठाकर ले गए।
ऐसे हुआ दलाली का खुलासा
सीआईबी टीम ने आरक्षण काउंटर के बाहर लाइन में खड़े लोगों से आईडी दिखाने को कहा। इसी बीच लाइन में खड़े कुछ लोग चुपके से खिसकने लगे। सीआईबी निरीक्षक ने रुकने का इशारा किया तो वह भागने लगे। टीम ने पीछा कर छह लोगों को दबोच लिया। धरपकड़ के दौरान अफरातफरी मच गई। हालांकि टीम ने हत्थे चढ़े छह दलालों में से एक के नाबालिग होने पर उसे छोड़ दिया।
ट्रैवल्स एजेंट रहते हैं सक्रिय
सूत्रों के मुताबिक दलाली के गोरखधंधे में अधिकांश ट्रेवल्स एजेंट हैं, जो शहर में जगह-जगह ट्रेवल्स एजेंसी खोलकर बैठे हैं। बताया जा रहा है कि देर रात आरक्षण काउंटर के बाहर धंधेबाज अपना आदमी खड़ा कर देते हैं, जिसे बाकायदा ड्यूटी बजाने के एवज में निश्चित रकम दी जाती है। इससे आमजन तत्काल आरक्षण के लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में रेलवे कर्मियों की मिलीभगत से भी इनकार नहीं किया सकता है।