पंजाब पुलिस को सूचना था कि सिम्मा अपने साथियों के साथ भाटिया के यहां किराएदार के रूप छिपा है। सादी वर्दी में हथियार बंद जवानों को देखकर बाजार में अफरातफरी की स्थिति रही। इसी बीच कमरे से निकलकर दो युवक बराबर में चड्ढा के मकान में चले गए। पंजाब पुलिस की तरफ से इस दौरान चार राउंड फायर हुए।
घेराबंदी के बाद पंजाब पुलिस ने देहरादून पुलिस की मदद से हरसिमरन दीप सिंह उर्फ सिम्मा, उसके भाई फूल विंदर निवासी जटवासी बाजाखाना फरीदकोट, रमेश कुमार और रोहित शाहू निवासी पीलीबंगा हनुमान गढ़ राजस्थान को दबोच लिया। इनके साथ मकान मालिक हरीश भाटिया को भी थाने बुलाया गया।
देहरादून की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने पंजाब पुलिस से कई घंटे की मंत्रणा के बाद दो लाख के इनामी हर सिमरन दीप सिंह उर्फ सिम्मा की तीन साथियों के साथ गिरफ्तारी की जानकारी दी। सिम्मा अपने साथियों के साथ कार से भागने की तैयारी में था।
पंजाब पुलिस के अलावा एसपी सिटी प्रदीप राय और सहायक पुलिस अधीक्षक निहारिका भट्ट की अगुवाई वाली टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। इनके पास से एक रिवाल्वर, दो पिस्टल और तमंचा बरामद हुआ है। सिम्मा ने फरीद कोट में शैलर मालिक रविन्द्र कोचर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। उसके खिलाफ पंजाब और हरियाणा में पांच आपराधिक दर्ज है।
देहरादून में पकड़े गए हरसिमरन दीप उर्फ चीमा ने फेस बुक पर फरीद कोट में शैलर मालिक रविन्द्र कोचर की हत्या की बात स्वीकार की थी। कोचर की हत्या को दो लोगों द्वारा अंजाम दिया था, मगर पुलिस 15 लोगों को झूठा फंसा रही है। हालांकि पंजाब पुलिस की जांच में हर सिमरन दीप का नाम आ गया था। हर सिमरन को हरियाणा में मारे गए जेम्पी डॉन और बंटी सेखों ग्रुप का बताया जा रहा है।
आतंकियों की घेराबंदी की अफवाह
पंजाब पुलिस के जवानों ने दो लाख के इनामी हर सिमरन दीप और उसके साथियों की गिरफ्तारी के आपरेशन को अंजाम देने के लिए जिस तरह की घेराबंदी की, उससे इलाके में संदिग्ध आतंकियों के छिप होने की अफवाह फैल गई। देर रात तक मीडिया के दफ्तरों में यह जानने की कोशिश की जाती रही कि कितने आतंकी पकड़े गए हैं। हालांकि पुलिस ने बाद में उसे अफवाह करार दिया था।