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प्रधानाचार्य और टोलीनायक को तीन साल की कैद

Tue, 17 Dec 2013 06:56 PM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार पांडे की अदालत ने जीआईसी नैणी में कक्षा-कक्षों के निर्माण में सरकारी धन के गबन के आरोप में तत्कालीन प्रधानाचार्य और टोलीनायक को तीन-तीन साल के सजा सुनाई है। साथ ही दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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कक्षा कक्षों का होना था निर्माण
मामला वर्ष 2007 का है। जीआईसी नैणी में दो कक्षा-कक्षों का निर्माण होना था। जिसके लिए शासन से करीब दो लाख 75 हजार रुपये स्वीकृत हुए। लेकिन तत्कालीन प्रधानाचार्य बलवंत सिंह खत्री और टोली नायक कुलदीप कुमार ने कार्य अधूरा छोड़कर सरकारी धन को ठिकाने लगा दिया। बाद में प्रधानाचार्य का स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में हो गया।

धनराशि मिली गायब
जब दूसरे प्रधानाचार्य के रूप में चंद्रा दत्त सेमवाल ने विद्यालय में तैनाती दी तो उन्हें निर्माणाधीन कक्षा-कक्षों के निर्माण की धनराशि गायब मिली। उन्होंने तत्काल पटवारी क्षेत्र बेनोली में सरकारी धन के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला न्यायालय में पहुंचा।
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मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार पांडे ने प्रधानाचार्य व टोली नायक को तीन-तीन साल के कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सरकार की ओर से अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र सिंह जंगपांगी ने पैरवी की।
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