एसटीएफ के जवान की गोलीमार कर हत्या करने के जिस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस इधर-उधर दबिश दे रही थी, वह अपने ही घर में मिला। ग्रामीणों का दावा है कि जिस व्यक्ति को आरोपी बताया जा रहा है वह घटना के बाद से ही गांव में है। हालांकि पुलिस उसे दिलसौड़ बैंड से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। ऐसे में पुलिस और ग्रामीणों के बयानों में विरोधाभास दिख रहा है।
एसटीएफ टीम के इंचार्ज नंदकिशोर भट्ट की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में तस्करों के साथ हुई मुठभेड़ में तस्करों की ओर से चली गोली से जवान अनंत यादव की मौत होने की जानकारी दी गई है।
लोग बता रहे अलग कहानी
क्षेत्र के लोगों से मिल रही जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम के कुछ लोगों ने घटना से कुछ दिन पहले सुंदर सिंह बिष्ट सहित अन्य लोगों को क्षेत्र से जौड़ाव के सींग एकत्र करने का काम दिया था। उन्होंने तीन हजार रुपये किलो की दर से सींग खरीदने का लालच दिया था।
छह अप्रैल की रात जब ग्रामीणों को सींग लेकर दिखोली बैंड बुलाया गया, तो वहां पुलिस का संदेह होने पर ग्रामीण सींग छोड़ कर भागे। इस दौरान एसटीएफ की टीम की ओर से हुई फायरिंग में उनके ही जवान को गोली लगी। एसपी ददन पाल ने बताया कि आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।