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90 एटीएम में हुई साइबर ठगी का खुलासा, तीन क्रिमिनल्स की पहचान

Mon, 24 Jul 2017 04:42 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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cyber criminals
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देहरादून में हुए एटीएम क्लोनिंग का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। एडीजी लॉ एंड आर्डर राम सिंह मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तीन क्रिमिनल्स की पहचान हुई है। 
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आरोपियों में रामवीर सिंह और जगमोहन निवासी हरियाणा एटीएम क्लोनिंग में शामिल थे। तीनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। धरपकड़ के लिए पुलिस की 6 टीमें दबिश दे रही हैं। 

साइबर क्रिमिनल्स द्वारा एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर एटीएम से निकाले गए 30 लाख रुपयों के बजाय 34 लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है। 

यह है पूरा मामला

रविंद्र अहलावत
बता दें कि साइबर क्रिमिनल्स ने एटीएम में स्कीमर डिवाइस लगाकेर चुराए गए डाटा से कई खाताधारकों की रकम उड़ाई। स्कीमिंग की पुष्टि होने के बाद सोमवार को दून में एसबीआई के दो एटीएम सील कर दिए गए। फ्रॉड के तार कई राज्यों से जुड़े होने के कारण तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने एसटीएफ को जांच की कमान सौंप दी थी।

पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने देहरादून, जयपुर और दिल्ली में एटीएम की जांच की, जांच अभी भी चल रही है। वहीं, इस मामले में कुल 97 एफआईआर दर्ज हुई हैं। जिनमें 30 लाख रुपये तक धोखाधड़ी सामने आई। 

शुरुआती जांच में एटीएम की सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध का चेहरा भी आया। साइबर अटैक की कोई और वारदात न हो, इसके चलते कई एटीएम सीज कर दिए गए। 

आरबीआई ने भी तलब की थी रिपोर्ट
इस मामले को आरबीआई ने भी गंभीरता से लिया था। आरबीआई अधिकारियों ने एटीएम से डाटा चुराकर बैंक खातों से रकम उड़ाने के मामले में बैंकों से रिपोर्ट तलब की थी। साथ ही पीड़ित ग्राहकों को 10 दिन में भुगतान करने को कहा। 
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फूंक-फूंककर कदम उठा रही पुलिस

uttarakhand police
पुलिस इस मामले में फूंक-फूंककर कदम उठा रही है।इसके लिए आरोपियों को बीते दिनों की दिनचर्या की बारीकी से पड़ताल की गई। ताकि पता लग सके कि कौन कब कहां था, जिससे इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया।

साइबर ठगी के मामले में स्‍थानीय पुलिस को विभिन्न एटीएम व सार्वजनिक स्‍थलों से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज में जो संदिग्‍ध नजर आए, उनमें दिल्ली, जयपुर, ‌हरियाणा के लोगों का पूरा बायोडाटा खंगाला जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, रविवार दोपहर तक 12 लोगों का वैरिफिकेशन किया जा चुका था। अन्य की जांच पड़ताल की जा रही है। हालांकि इनमें से किसी के भी घटना में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। 

बता दें कि 15 जून से 10 जुलाई के बीच देहरादून पहुंचे 27 लोग रेडार में लिए गए थे। जिनका बायोडाटा खंगाला जा रहा है। 
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