फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश पर जज के घर से मुक्त कराई गई नाबालिग, मार-पिटाई की आशंका

Tue, 30 Jan 2018 06:16 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
हरिद्वार
विज्ञापन

जज के घर से पुलिस को एक नाबालिग बच्ची इस हालत में मिली कि सब हैरान रह गए। उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश पर हरिद्वार में तैनात सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के घर से नैनीताल की एक किशोरी को मुक्त कराया गया है।

विज्ञापन


जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके खुद पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। देर शाम तक चले किशोरी के मेडिकल परीक्षण में चोटों के काफी निशान पाए गए है।

यह बात सामने आ रही है कि किशोरी को बंधक बनाकर उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। एएसपी रचिता जुयाल ने हाईकोर्ट से मिले आदेश के बाद किशोरी को मुक्त कराने की पुष्टि की है।
विज्ञापन


सोमवार की शाम करीब पांच बजे जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान, एडीजे अमनिंदर सिंह, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, एएसपी रचिता जुयाल और चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम सीधे रोशनाबाद स्थित जजेज कालोनी में सिविल जज दीपाली शर्मा के आवास संख्या जे-10 में पहुंची।
 

हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

nainital high court
टीम ने घर में प्रवेश कर वहां मौजूद एक किशोरी को अपने कब्जे में ले लिया। यहां से किशोरी को एसएसपी कैंप कार्यालय लाने के बाद मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।

जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान और एएसपी रचिता जुयाल किशोरी को लेकर खुद जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में जिला जज ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए पत्र दिया।

करीब एक से डेढ़ घंटे तक एमरजेंसी में डॉ. आरके सिंहल की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण किया। इस दौरान जिला जज से लेकर पूरा अमला भी इमरजेंसी में ही डटा रहा। मेडिकल के बाद किशोरी को एएसपी रचिता जुयाल खुद अपने साथ कार में ले गई।
 
विज्ञापन

मेडिकल के लिए भेजा

 एएसपी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। किशोरी नैनीताल जनपद के पदमपुरी क्षेत्र की रहने वाली है। इधर, मेडिकल परीक्षण करने वाले डॉ आरके सिंहल ने बताया कि किशोरी के शरीर पर चोटों के कई निशान है। कुछ चोट पुरानी हैं और कुछ ताजी। जलने के निशान भी है, जो पुराने प्रतीत हो रहे है। शरीर पर निशान संभवत: किसी डंडे या किसी धातु के हो सकते है।

किशोरी को जिला जज की मौजूदगी में संरक्षण में लिया गया है। उसका मेडिकल कराया गया है। तमाम जगहों पर चोट के निशान पाए गए हैं। मामला न्यायिक अधिकारी से जुड़ा होने के कारण अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
---कृष्ण कुमार वीके, एसएसपी, हरिद्वार  

सभी आरोप निराधार हैं। हमने नाबालिग के साथ कभी मारपीट नहीं की। यह नाबालिग मेरे साथ पिछले तीन साल से है। हमने इसे अपने बच्चे की तरह पढ़ाया है। बीच में यह अपने पिता के साथ चली गई थी। फिर अपने पिता के साथ आने पर हमने उसे दोबारा रख लिया था।
दीपाली शर्मा, सिविल जज, सीनियर डिवीजन, हरिद्वार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें