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लापता बच्चे की तलाश में आई मां को समझा किडनैपर

Thu, 08 Aug 2013 09:18 AM IST
देहरादून/मनमीत रावत
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राजधानी देहरादून में अपने लापता बच्चों को तलाशने बिजनौर से आई महिला को लोगों ने अपहरणकर्ता समझ लिया। इसके बाद उसको और उसके साथ आए कार सवार व्यक्ति की जमकर धुनाई की और पुलिस को सौंप दिया।
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बाद में असली कहानी मालूम हुई तो एक-एक कर लोग कैंट कोतवाली से खिसकने लगे। पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया।

शेरकोट, बिजनौर निवासी शबनम पत्नी जुनैद का 13 वर्ष का बेटा शहनवाज पिछले कई माह से लापता है। उन्होंने बेटे की गुमशुदगी शेरकोट थाने में भी दर्ज कराई है। गत सोमवार को उन्हें किसी परिचित से सूचना मिली की उनका बेटे को दून के गढ़ी कैंट क्षेत्र में देखा गया है। यह सुनकर वह दोनों मंगलवार शाम को दून आईएसबीटी पहुंच गए। आईएसबीटी पहुंचते ही जुनैद की तबीयत खराब हो गई। उसे आईएसबीटी के पास में ही मौजूद एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया।

जबकि शबनम आईएसबीटी चौकी पर आ गई। वहां पर उसे एक पुराना परिचित अनवर हुसैन निवासी टर्नर रोड मूल निवासी नगीना, जिला बिजनौर मिल गया। अनवर दून में टैक्सी चलाता है। उसने सारी आपबीती अनवर को सुनाई। बुधवार सुबह अनवर ने उसे अपनी टैक्सी में बैठा लिया और दोनों गढ़ी कैंट शहनवाज को तलाशने निकल पड़े।
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बच्चों को चुराने का आरोप
गढ़ी कैंट में नींबू वाला में उन्हें दो छोटे बच्चे दिखे। उन्होंने शहनवाज की फोटो उन्हें दिखाई तो दोनों ने उसे पहचान लिया। उन्होंने बताया कि वह पास के गांव में स्थित नदी में दिखा था। उन्होंने बच्चों को अपने साथ चलकर जगह दिखाने को कहा। दोनों बच्चे उनकी मदद के लिए तैयार हो गए और कार में उनके साथ बैठ गए।

कार में बच्चों को बैठते देख एक व्यापारी को कुछ शक हुआ और उसने स्थानीय लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही लोग इकठ्ठा हो गए और कार को रुकवा लिया। उन्होंने अनवर और शबनम पर बच्चों को चुराने का आरोप लगाया और उनके साथ मारपीट कर दी। सूचना पर कैंट कोतवाली से पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों ने पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई तो सभी को जाने दिया गया।
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