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नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़, ढाई लाख की प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी

Sun, 11 Jun 2017 09:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून
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drug trading - फोटो : amarujala
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ऋषिकेश थाना पुलिस ने रविवार को प्रतिबंधित नशीली दवाओं का कारोबार संचालित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्त में आए नशे के दोनों सौदागरों के पास से ढाई लाख रुपये की प्रतिबंधित नशीली दवाएं और साढ़े चार लाख की नगदी बरामद हुई है।
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पकड़ा गया एक युवक ऋषिकेश में मेडिकल स्टोर चलाता है, जबकि दूसरा युवक मुजफ्फरनगर में थोक मेडिकल की दुकान में काम करता है।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि एसपी देहात सरिता डोभाल के निर्देश पर सीओ ऋषिकेश और प्रभारी कोतवाली सहायक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम शनिवार रात गश्त पर थी। आईडीपीएल चौकी से लवली स्टोर की तरफ  आने वाले स्कूटर को चेकिंग के लिए रोका गया।

स्कूटर पर दो लोग सवार थे और दो बड़े कट्टे (बोरे) लादे थे। कट्टों की तलाशी ली गई तो उसमें प्रतिबंधित दवाएं (टैबलेट) और इंजेक्शन बरामद हुए। बरामद दवाएं मेडिकल स्टोर में छोड़ने जा रहे थे। तलाशी में उनके पास से साढ़े चार लाख रुपये भी बरामद हुए।
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स्कूली बच्चों में सबसे अधिक खपत

drug trading - फोटो : amarujala
एसएसपी के मुताबिक गिरफ्त में आए युवकों के नाम सुनील चंद्र निवासी पश्चिम अंबर तालाब, थाना गंगनहर, रुड़की हरिद्वार और मोहम्मद सिराज निवासी साउथ खालापर, कोतवाली शहर, मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश हैं। सुनील का ऋषिकेश में मेडिकल स्टोर है। सिराज मुजफ्फरनगर में दवा की थोक दुकान में काम करता है।

पूछताछ में युवकों ने बताया कि इन नशीली दवाओं को वह हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में  सप्लाई करते हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। नशे के सौदागरों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में सहायक पुलिस अधीक्षक निहारिका भट्ट, हेमंत खंडूरी, दीपक तिवारी, कमल जोशी, संदीप राठी, दुष्यंत और रविंद्र टम्टा शामिल थे। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार के ईनाम की घोषणा की है।

नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले आरोपियों ने बताया कि नशीली दवाओं की सबसे अधिक खपत स्कूली बच्चों में है। स्कूली बच्चों को इंजेक्शन 50 से 60 रुपये और टैबलेट 10 रुपये की बेचते थे। कुछ दवाओं को मिलाकर डोज तैयार करते थे, ताकि उसका नशा लंबे समय तक बना रहे। रुड़की, देहरादून हरिद्वार और ऋषिकेश में दवाओं की सर्वाधिक खपत होती है। हालांकि एक इंजेक्शन की कीमत तीन से चार रुपये और टैबलेट की कीमत 50 पैसे से एक रुपये ही होती है।
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