दून के बहुचर्चित अंकित थपलियाल हत्याकांड का आरोपी अकरम ढाई साल बाद पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। पचास हजार का इनामी मोस्ट वांटेड अपराधी अकरम गुजरात में छिपा था। उत्तराखंड पुलिस उसे लेकर बुधवार सुबह तक दून पहुंचेगी। उसके पांच साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
वर्ष 2014 में नकरौंदा रोड के विवेक विहार निवासी सहायक कृषि अधिकारी (अब रिटायर्ड) सुरेंद्र थपलियाल के आवास पर तड़के पौने चार बजे बदमाशों ने डकैती के इरादे से सुरेंद्र थपलियाल उनकी पत्नी अंजनी, सास बिंदेश्वरी को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया था। पिता और मां की चीख सुनकर पहली मंजिल से नीचे आया अंकित थपलियाल (23) बदमाशों से भिड़ गया। अंकित भारी पड़ा तो एक बदमाश ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस हत्याकांड को लेकर जमकर बवाल हुआ था। हत्याकांड ने पुलिस के साथ हरीश रावत सरकार की बेचैनी भी बढ़ा दी थी। पुलिस को तमाम माथापच्ची के बाद भी कुछ हाथ नहीं लग पाया था। इसी बीच यूपी की बिजनौर पुलिस के हाथ नदीम आया तो घटना का खुलासा हुआ।
इस सुराग से सक्रिय हुई दून पुलिस ने कई अपराधी दबोच लिए। नदीम के अलावा अखलाक, शहजाद, साजिद पहलवान और साजिद मोटा जेल चले गए, जबकि अकरम हाथ नहीं लगा। सरकार और अफसरों के दबाव के चलते अकरम पर इनाम बढ़ता गया। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह की अगुवाई में टीम कई बार उसकी तलाश में यूपी गई, लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक खबर थी कि अकरम निवासी बुंटा थाना शामली (उत्तर प्रदेश) पहचान छिपाकर गुजरात में वाहन चला रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने गुजरात में घेराबंदी कर अकरम को दबोच लिया। दून पुलिस अकरम को लेकर सुबह यहां पहुंचेगी। अकरम के पकड़े जाने से पुलिस अधिकारियों के चेहरे खिल गए है, क्याेंकि लंबे समय वह चुनौती बना था। बुधवार को पुलिस उसकी गिरफ्तारी की अधिकारिक पुष्टि कर सकती है।
अब खुलेगा राज, किसकी लगी गोली
अकरम के फरार होने के कारण इस रहस्य से पर्दा नहीं उठ पाया था कि अंकित थपलियाल को किसकी गोली लगी थी। जेल गए पांचों आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया था कि अकरम की गोली से अंकित की जान गई थी। परिजनों के साथ पुलिस ने भी उनके बयान को सही नहीं माना था। हो सकता है कि खुद को बचाने के लिए वह झूठ बोल रहे हैं। अकरम की पूछताछ में इस राज से भी पर्दा उठने की उम्मीद है।
बंगलूरु में शिफ्ट हुआ थपलियाल परिवार
घर के एकलौते चिराग अंकित थपलियाल को गंवाने के बाद सुरेंद्र थपलियाल पत्नी अंजनी के साथ देहरादून से बंगलूरु शिफ्ट हो गए हैं। सुरेंद्र तो बदमाशों के खिलाफ पहले दिन से ही मुखर हैं। दंपति ने आरोपियों की न केवल पहचान की, बल्कि उनके खिलाफ गवाही भी दी। अकरम के गिरफ्तार न होने के कारण थपलियाल परिवार काफी निराश था। निसंदेह अकरम के पकड़े जाने की खबर अंकित के माता-पिता को थोड़ी राहत जरूर देगी।