स्पेशल टास्क फोर्स ने दून में अधिवक्ता की हत्या करने आए संजीव जीवा गैंग के शूटर को गिरफ्तार कर लिया। प्रापर्टी में हिस्सा देने से इंकार पर वकील की हत्या की साजिश रची गई थी।
मुजफ्फरनगर से 50 हजार के इनामी शाहरुख के आने पर वारदात को अंजाम देने का प्लान था। इन दोनों ने ही इस साल मार्च में हरिद्वार के अमित गोल्डी की सरेआम हत्या की थी, तब से ही यह दोनों फरार थे।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रिधिम अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि छह मार्च को हरिद्वार में हुए अमित गोल्डी की हत्या में वांछित और इनामी मुजाहिद उर्फ पप्पू और शाहरुख उर्फ धब्बू फरार थे। इन दोनों ने मैनपुरी जेल में बंद संजीव जीवा के इशारे पर यह कत्ल किया था। मर्डर तो विरोधी सुभाष सैनी का होना था, लेकिन गलत पहचान की वजह से अमित गोल्डी मारा गया था।
हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सिटी अजय सिंह के निर्देशन में टीम गठित की गई थी। एसटीएफ शूटरों की तलाश में दिल्ली, मुजफ्फरनगर, लखनऊ आदि स्थानों पर दबिश दे रही थी। एसटीएफ टीम ने सूचना के आधार पर इनामी मुजाहिद उर्फ खान उर्फ पप्पू निवासी गांधी रोड (हाल निवासी एमडीडीए पंचपुरी कालोनी रायपुर) को आईएसबीटी के पास गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से नाइन एमएम की पिस्टल और नौ कारतूस बरामद हुए हैं।
एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने बताया कि मुजाहिद ने एक अधिवक्ता से प्रापर्टी में हिस्सा मांगा था। वकील के मना करने के कारण उसकी हत्या की साजिश रची गई थी। मुजाहिद ने साथी शाहरुख पठान के साथ उसका कत्ल करने का प्लान बनाया था, मगर उससे पहले एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। उन्होंने बताया कि मुजाहिद 2013 में बाराबंकी में पकड़ा गया था। तब वह शातिर संजीव जीवा के संपर्क में आया था।
2015 में जीवा के कहने पर उसने लखनऊ के गोमतीनगर में पिंटू नाम के युवक का कत्ल किया था। लखनऊ जेल में रहते हुए मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी के संपर्क में भी आया। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।