देहरादून में दो बदमाशों ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक दी और दरवाजा खुलते ही सामने आई वृद्धा पर गोलियों की बरसात कर दी।
परिजनों ने महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लग सका।
पुलिस की प्राथमिक जांच में मामला प्रापर्टी विवाद का लग रहा है। महिला का बेटा प्रापर्टी डीलर है। आशंका जताई जा रही है कि बदमाश उसकी हत्या के लिए ही आए थे।
इमरान को आवाज देकर बुलाया था...
प्रॉपर्टी डीलर इमरान का घर ब्राह्मणवाला की महबूब कॉलोनी में है। मंगलवार रात वह किसी परिचित के घर गए थे। बताया जा रहा है कि देर रात दो युवक इमरान के घर पहुंचे।
बाहर से उन्होंने इमरान को आवाज देकर बुलाया तो इमरान की मां फूल मिर्जा उर्फ फूलो (75) दरवाजा खोलने आईं। वह लकड़ी का दरवाजा खोल इसके आगे लगे जाली का दरवाजा खोलने के लिए बढ़ीं, तभी दोनों युवकों ने गोलियां बरसा दीं।
गोलियों की आवाज सुन परिजन बाहर आए, तब तक दोनों युवक भाग निकले। सूचना पर एसएसपी अजय रौतेला, एसपी सिटी नवनीत भुल्लर आसपास के थानों से फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए।
जाली वाले दरवाजे पर तीन छेद मिले। दरवाजे के भीतर गैलरी की दीवार पर भी गोलियों के निशान हैं।
बदमाशों की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी
मौके से पुलिस को दो खोखे बरामद हुए, जबकि फूलो को तीन गोली (सीने, पेट और बायें हाथ पर) लगी हैं। पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
दोनों बदमाश बाइक से आए थे या पैदल, यह भी अभी पता नहीं चला है। उधर, गंभीर घायल फूलो को महंत इंदिरेश अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मूलत: सहारनपुर का है परिवार इमरान का परिवार मूल रूप से गांव कंडोली कस्बा नांगल (सहारनपुर) यूपी का रहने वाला है। पिछले 24 साल से परिवार दून में रह रहा है।
घटना के वक्त इमरान की पत्नी शाजा, बच्चे और भाई शमशाद घर में मौजूद थे। दो भाई इरशाद और इरफान पास ही दूसरे मकान में रहते हैं।
दरवाजा खुलते ही हो रही ‘धांय-धांय’
राजधानी में बदमाश बेखौफ हैं। घर में घुसकर बदमाश शिकार को आवाज देकर बुलाते हैं और दरवाजा खुलते ही गोलियों की धांय-धांय गूंजने लगती है। हत्या के इस नए तरीके से लोग दहशत में हैं।
खास बात यह है कि इस तरह के अधिकतर मामले प्रापर्टी विवाद से जुड़े हैं। मंगलवार रात ब्राह्मणवाला में वृद्धा पर गोली बरसाने की घटना तीन माह में इस तरह की पांचवीं वारदात है।
16 दिसंबर 2013 को शक्ति विहार (माजरा) में सहसपुर के वीडीओ द्विवेश कांबोज को घर में घुसे बदमाशों ने बाहर बुलाया और गोलियों से भून दिया। जांच में मामला प्रॉपर्टी विवाद का निकला।
15 जनवरी की रात जाखन में प्रॉपर्टी डीलर फिरोज अली की घर के गेट पर हत्या कर दी गई। यहां बदमाशों ने फिरोज के साथी राहुल का नाम लेकर दरवाजा खुलवाया और गोलियां चला दीं।
अनिल की गोलियों से भूनकर हत्या
एक फरवरी की सुबह तीन शूटरों ने आनंद ग्राम, रायपुर में अनिल उर्फ संजय की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी।
बुलंदशहर में उम्रकैद का सजायाफ्ता बदमाश संजय दून में छुपकर प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहा था। 12 फरवरी की सुबह गुरु रोड पर रहने वाले बागपत निवासी प्रॉपर्टी डीलर धर्मपाल को दरवाजे पर बुलाकर गोलियों से हत्या की गई।
इन सभी घटनाओं के पीछे प्रॉपर्टी विवाद और प्रॉपर्टी डीलरों का नाम सामने आया है। सभी वारदातों को पेशेवर अंदाज में अंजाम दिया गया।
एसपी सिटी नवनीत भुल्लर ने बताया कि इस तरह का ट्रेंड वास्तव में चिंता का विषय है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
ये बरतें सावधानी
- रात को कोई आवाज देकर घर से बाहर बुलाए (चाहे आपका नाम भी ले रहा हो) तो खिड़की या दरवाजे के की-होल से देखकर पुख्ता कर लें कि वह परिचित है या नहीं
- बाहर जाना ही हो तो पहले परिजनों को जगा लें और बाहर किसी के आने की जानकारी दें।
- संदिग्ध लगने पर तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम 100 नंबर या थाने को सूचना दें।
- दोपहर में भी महिलाएं या दूसरे सदस्य घर में अकेले होने पर अजनबियों को घर में न घुसने दें।
- मीटर रीडिंग, पानी का बिल या केबिल ठीक कराने आदि के बहाने आने वालों को परिचय पत्र देखने के बाद ही घर में प्रवेश करने दें।
राजधानी बनने के बाद प्रॉपर्टी विवाद में हुई हत्याएं
10 दिसंबर 2004 : हरिपुर कलां रायवाला में जमीन कब्जाने के विवाद में महिला समेत तीन लोगों की हत्या।
30 मार्च 2005 : पुष्प कुंज मोथरोवाला में विनय क्षेत्री ने प्रॉपर्टी विवाद में पिता बीबी क्षेत्री और भाई विनोद क्षेत्री गोलियों से भूनकर हत्या करा दी।
20 मार्च 2008 : विनय क्षेत्री की वेस्ट यूपी के बदमाश यतींद्र चौधरी ने संपत्ति कब्जाने के लिए गोली मारकर हत्या कर दी।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच
- इमरान प्रॉपर्टी डीलर है, ऐसे में पहला संदेह किसी प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के विवाद पर है, पुलिस इमरान द्वारा हाल में किए सौदों की जांच कर रही है।
- बदमाशों ने ठीक इमरान के घर के बाहर जाकर उसे नाम से बाहर बुलाया, यानी वे इमरान को अच्छी तरह से जानते थे।
- जिस गैलरी में फूलो को गोली मारी गई, उसके ठीक सामने वाले कमरे में इमरान सोता है, आशंका है कि अंधेरा होने की वजह से बदमाशों ने बुजुर्ग को ही इमरान समझकर गोलियां चलाईं।
- बदमाशों को पता था कि इमरान इसी कमरे में सोता है, पुलिस को अंदेशा है कि वारदात करने वाले पहले भी इमरान से मिलने घर में आते-जाते रहे होंगे।
- इमरान का घर बेहद तंग गली में है, माना जा रहा है कि बदमाश मोटरसाइकिल या किसी अन्य वाहन को यहां से कुछ दूर मुख्य सड़क पर छोड़ पैदल आए होंगे।
- इमरान घटना के वक्त घर पर मौजूद नहीं था, पता चला है कि वह पड़ोस के घर में गया था, पुलिस इसे भी संदेह की नजर से देख रही है।
- एसओजी ने घटना से पहले और बाद इमरान के मोबाइल की काल डिटेल खंगाली है, घटना के वक्त क्षेत्र में एक्टिव रहे नंबरों की डिटेल भी निकाली जा रही है।