बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद प्रशासन का रवैया संवेदनहीन रहा। मामले की जानकारी होने के बाद समाजसेवियों से लेकर राजनैतिक दलों तक के लोग काठगोदाम थाने तक पहुंच गए पर सिटी मजिस्ट्रेट को कोई जानकारी नहीं थी।
जब उनको घटना के बारे में जानकारी देने के साथ प्रशासन का रुख जानना चाहा गया तो सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय बोले.. यह तो पुलिस का मामला है।
बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद काठगोदाम थाने में लोग पहुंच गए थे। यह मामला पुलिस और खुफिया विभाग तक भी पहुंच गया था।
अमर उजाला ने जब सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय से घटना के बाबत जानकारी चाही तो वह बोले-ऐसा कोई भी मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
उपाध्याय का कहना था कि यह पुलिस से संबंधित मामला है। इसमें उनका दखल (हालांकि बीते दिनों में गैस गोदाम रोड पर अनीता रौतेला पर हमले जैसे मामले आने पर सिटी मजिस्ट्रेट घटनास्थल का दौरा करते भी रहे हैं) देना उचित नहीं है।
इसी बीच बातचीत के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट बोले, परिजन यदि रिपोर्ट दर्ज कराएंगे तो वह अपने स्तर पर पुलिस को मामले में ठोस कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। डीएम विनोद कुमार सुमन ने भी घटना की जानकारी होने से इंकार किया था। हालांकि उन्होंने पुलिस से जानकारी लेने और कार्रवाई कराने की बात कही।
एक स्कूल के चालक और परिचालक पर दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद जिला पुलिस को सत्यापन की बात याद आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
जिले के कई स्कूलों में चालक और परिचालक ठेके पर काम करते हैं। स्कूल प्रबंधन को चालकों और परिचालकों का सत्यापन कराना जरूरी होता है।
सत्यापन नहीं कराने पर पुलिस स्कूल प्रबंधन का चालान करती है। कई स्कूलों के चालक और परिचालकों का सत्यापन अब तक नहीं किया गया है। पुलिस स्कूली बसों को देखकर कोई पूछताछ नहीं करती है।
पिछले साल ऑरम स्कूल में बवाल होने पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाई थी। पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को सीसीटीवी लगाने और सुरक्षा के मानकों का पालन करने की हिदायत दी थी।
कितने स्कूलों ने मानकों का पालन किया, इस बारे में पुलिस के पास कोई आंकड़ा नहीं है। अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाकर जांच की जाएगी।
पूरे घटनाक्रम में पीड़ित परिवार मुकदमा दर्ज कराने से पीछे हट रहा था। पुलिस के प्रयास पर सामाजिक कार्यकर्ता कैप्टन अनिल गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। स्कूल की वैन में घटना हुई है। इस कारण स्कूल प्रबंधन को भी नहीं बख्शा जाएगा।
- जन्मेजय खंडूरी, एसएसपी नैनीताल