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10 लाख का इनामी कुख्यात भूरा पटियाला में गिरफ्तार

Sat, 04 Apr 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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दिसंबर 2014 में दून पुलिस की अभिरक्षा से बागपत से फरार हुआ 10 लाख रुपये का इनामी बदमाश अमित उर्फ भूरा शनिवार शाम साथी सचिन खोखर के साथ पटियाला में पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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करीब 108 दिनों तक भूरा तीन राज्यों (उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश और दिल्ली) की पुलिस को छकाए रहा। उसकी गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड पुलिस ने राहत की सांस ली है। भूरा की फरारी के चलते राज्य पुलिस के साथ सरकार की भी किरकिरी हो रही थी।

पुलिस के मुताबिक पंजाब पुलिस ने पटियाला में अमित उर्फ भूरा और उसे छुड़ाने में मददगार रहे सचिन खोखर को मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। पूछताछ में उसके पश्चिम यूपी से संबंधित होने के शक पर यूपी और दिल्ली पुलिस से संपर्क किया गया।
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10 लाख रुपये के इनामी बदमाश भूरा की पहचान होने के बाद पटियाला पुलिस की बाछें खिल गईं। इधर, उत्तराखंड पुलिस मामले में कई घंटे तक बेखबर रही। देर रात अफसरों ने भूरा की पटियाला में गिरफ्तारी की पुष्टि की।

आंखों में मिर्च झोक फरार हुआ था भूरा

पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने बताया कि पटियाला पुलिस से मुठभेड़ के बाद अमित उर्फ भूरा को साथी सचिन खोखर के साथ गिरफ्तार किया गया। उनसे नौ एमएम और .32 बोर की पिस्टल मिली है। दून एसटीएफ पूछताछ के लिए देर रात तक पटियाला पहुंच जाएगी। बागपत पुलिस भी पटियाला रवाना हो चुकी है।

असलहे भी लूटे थे
रुड़की जेलकांड का आरोपी अमित उर्फ भूरा 15 दिसंबर 2014 को पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर जाते समय बागपत में भाग निकला था। बदमाशों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च झोंककर उसे छुड़ा लिया था। भागते वक्त उसने पुलिस कर्मियों से तीन सरकारी असलहे भी लूट लिए थे।

वारदात के बाद तत्कालीन एसएसपी दून अजय रौतेला को पद से हटा दिया गया था। तब से उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम उसे खोजने में महीनों तक खाक छानती रही। कई साथियों की गिरफ्तारी के बाद लूटे गए सरकारी असलहे भी बरामद हो गए थे, लेकिन भूरा अब तक चकमा देने में कामयाब रहा था।
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32 साल की उम्र, कर चुका है 51 अपराध

मुजफ्फरनगर के सरनावली गांव निवासी अमित मलिक उर्फ भूरा 32 साल की उम्र में 51 अपराध कर चुका है। उसके खिलाफ पहला केस तब दर्ज हुआ था, जब वह 18 साल का था। इसके बाद 14 साल में 50 मुकदमे और हो गए।

करता था पुलिस मुखबिरी
उसने सबसे ज्यादा क्राइम दिल्ली में किया है। वह कभी दिल्ली पुलिस के लिए मुखबिरी करता था और फिर वहीं पर बड़ा अपराधी बन गया। पुलिस सूत्रों का कहना है भूरा ने सबसे पहले बाइक चोरी की। फिर हत्या की। इसके बाद दिल्ली भाग गया।

वहां पश्चिमी यूपी के अपराधियों की मुखबिरी करने लगा। इसके बाद उसे अपराध का ऐसा चस्का लगा कि एक के बाद एक वारदात किए चला गया।

उसने दिल्ली ही नहीं, पश्चिमी यूपी में भी खूब वारदात कीं। पहले नीटू कैल गिरोह में रहा। फिर राहुल खट्टा से हाथ मिलाया। इसके बाद सुनील राठी के लिए काम करने लगा। और फिर अपना खुद का गैंग खड़ा कर लिया।

उसके गैंग में 20 से ज्यादा बदमाश हैं। वह कभी किसी को लंबे समय तक साथ नहीं रखता। काम निकलते ही साथी बदल लेता है। इसके अलावा उसे पुलिस के हथकंडे भी मालूम हैं। इसलिए उसे पकड़ना आसान नहीं होता।
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