पथरी में रेप के बाद छात्रा की हत्या कर देने की गुत्थी सुलझाने में जुटी हरिद्वार पुलिस को झटका लगा है। दिल्ली की सीबीआई लैब में हुए बारह संदिग्धों के पॉलीग्राफ टेस्ट से पुलिस को निराशा ही हाथ लगी है।
सूबे को हिलाकर रख देने वाले जघन्य हत्याकांड के खुलासे को पुलिस हर तरकीब अपना चुकी है। बीते माह स्थानीय कोर्ट से इजाजत लेकर 20 से 24 जनवरी के बीच हुई बारह संदिग्धों के पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट आ गई है। डीआईजी गढ़वाल रेंज अमित सिन्हा ने बताया कि पॉलीग्राफ रिपोर्ट से कोई मदद नहीं मिल पाई है।
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पुलिस ने प्रांरभिक पूछताछ में जो सवाल पूछे थे लगभग उसी से मिलते जुलते सवाल भी पॉलीग्राफ टेस्ट में पूछे गए थे। किसी भी संदिग्ध के पॉलीग्राफ टेस्ट से हत्याकांड के खुलासे की दिशा नहीं मिल पाई है।
गैंगरेप की नहीं हुई पुष्टि
गुजरात व देहरादून की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट हूबहू है। दून की फोरेंसिक लैब के एक्सपर्ट ने अपनी रिपोर्ट में गैंगरेप की बात को खारिज किया था। वही रिपोर्ट गुजरात के फोरेंसिक एक्सपर्ट ने सौंपी है। डीआईजी अमित सिन्हा ने स्वीकारते हुए बताया कि गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है।
ढाई सौ संदिग्धों का डीएनए होगा क्रॉस चेक
रेप के बाद निर्मम तरीके से मौत के घाट उतार दी गई छात्रा की वेजाइनल स्वैप, शरीर से मिले बाल व दांतों के निशान से तैयार हुए मास्टर डीएनए से संदिग्धों को डीएनए क्रॉस चेक होगा।
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प्रांरभिक क्रॉस चेकिंग में कुछ संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब ढाई सौ संदिग्धों की क्रमवार बारी आती रहेगी। प्रकाश में आने पर नए संदिग्ध का डीएनए तुरन्त क्रॉस चेक हो जाएगा।
गुजरात की फोरेंसिक लैब ने मास्टर डीएनए तैयार कर हरिद्वार पुलिस को दे दिया है। मास्टर डीएनए से हर संदिग्ध के लिए गए ब्लड सैंपल से मिलने वाले डीएनए को क्रॉस चेक कराया जा रहा है।