देहरादून के राजेंद्र जोशी के लापता परिवार के मामले में यूपी और उत्तराखंड के तीन जिलों की पुलिस आठ दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। बृहस्पतिवार को वीडियो फुटेज के आधार पर जिसे कार चालक बताया गया था, वह शुक्रवार सुबह होते-होते एटीएम का गार्ड बन गया।
इस तरह ट्रेवलिंग कार्ड के जरिये चालक तक पहुंचने के दावे की हवा निकल गई। बच्चे भास्कर के पिता और दादी के अलावा चालक का आठवें दिन भी सुराग नहीं लग सका।
प्रेमनगर के श्यामपुर निवासी राजेंद्र जोशी उनकी मां कमला और बेटे भास्कर और कार चालक के लापता होने की गुत्थी सुलझने के बजाए उलझती जा रही है। 27 नवंबर को यह परिवार श्यामपुर से बहू देखने के लिए कार से पिथौरागढ़ के लिए निकला था। काशीपुर तक परिवार ठीक था, लेकिन उसके बाद का रहस्य गहराता जा रहा है।
बच्चे की मिली लाश, पिता और दादी के जिंदा होने की उम्मीद कम
बच्चे भास्कर का शव ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में मिलने के बाद से पिता और दादी के जीवित होने के उम्मीद कम जताई जा रही है। इसी लिहाज से पूरे इलाके में कांबिग कर उन्हें ढूंढा गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसी बीच बृहस्पतिवार को पुलिस की जांच टीम काशीपुर तक पहुंच गई।
एक्सिस बैंक के एटीएम के सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र जोशी और उनकी मां कमला के साथ एक तीसरे व्यक्ति की तस्वीर नजर आई। पुलिस ने पुष्टि किए बिना तीसरे व्यक्ति की तस्वीर को चालक बता दिया। पहचान के लिए गार्ड के फोटो को कार चालक का बताकर जारी कर दिया।
शुक्रवार सुबह होते ही पुलिस को मात मिल गई। जिस फोटो को चालक का बताया गया था, वह एटीएम के सिक्योरिटी गार्ड का निकला, जो मां-बेटे की मदद के लिए एटीएम के अंदर आया था। मामला सुलटा तो सितारगंज में बरामद हुए एक कार्ड के आधार पर फिर चालक का सुराग लगने का दावा किया गया।
आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लगा कोई सुराग
पुलिस टीम जोश-खरोश के साथ सहारनपुर के छुटमलपुर तक पहुंच गई, लेकिन वहां भी निराशा हाथ लगी। जोशी परिवार के मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यही आ रही है कि कहीं से कोई सुराग नहीं मिल रहा है।
परिवार किसी तरह की रंजिश होने से इनकार कर रहा है। कई करोड़ की संपत्ति को लेकर सवाल उठे, लेकिन ऐसा कोई तथ्य अब तक हाथ नहीं लगा, जिससे बात आगे बढ़ सके।
दून और ऊधमसिंह नगर पुलिस संयुक्त कार्रवाई में जुटी है। पुलिस टीम रुद्रपुर आदि इलाकों में काम कर रही है। चालक का पता लगाने के प्रयास चल रहे हैं। कार चालक के बारे में जानकारी मिलने से काफी हद तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। कई पहलुओं पर जांच चल रही है, लेकिन कुछ खास नहीं मिला है।
-डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक