हल्द्वानी में महिला चिकित्सालय से चार माह पहले अपहृत नवजात का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने इस मामले में अदालत से नार्को टेस्ट कराने की सहमति ले ली है।
नार्को टेस्ट कराने के लिए जिला पुलिस ने सीबीआई को पत्र भेजा है लेकिन इस मामले में सीबीआई ने कोई तिथि तय नहीं की है। इसी कारण जांच का मामला अधर में लटका हुआ है। बिहार के बेतिया जिले की रहने वाली आशमा पत्नी नसरुल्ला मायके में आई थी।
प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने आशमा को 13 फरवरी 2016 को राजकीय महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। अस्पताल में महिला ने बेटी को जन्म दिया। वार्ड में शिफ्ट होने के कुछ देर बाद महिला की बच्ची गायब हो गई। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ करने के बाद संदिग्ध महिला का स्केच जारी किया।
फिर भी पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी। इधर बच्ची को पाने के लिए महिला भी अपने मायके में रह रही है। हीरानगर चौकी प्रभारी हेम चंद्र पंत का कहना है कि पुलिस लगातार बच्ची को ढूंढने की कोशिश कर रही है।
नार्को टेस्ट की अनुमति लेने के बाद एसएसपी के माध्यम से सीबीआई को पत्र भेजा गया है। सीबीआई द्वारा तिथि मिलने पर तीन लोगों का नार्को टेस्ट कराया जाएगा। इस टेस्ट के लिए सीबीआई एक्सपर्ट है । पुलिस जांच के मामले में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती है।