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नाभा जेल ब्रेक: दोस्ती के नाम पर तैयार हुआ प्लान, ये है पिंदा और सुनील की कहानी

Tue, 29 Nov 2016 01:13 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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पुलिस गिरफ्त में पिंदा और सुनील (बाएं इनसेट) - फोटो : AmarUjala
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नाभा जेल की पूरी साजिश में पिंदा का कदम दर कदम साथ देने के आरोपी सुनील कालरा का बैकग्राउंड भी पूरी तरह आपराधिक है। दोनों दोस्त हैं और उनकी दोस्ती जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी। दोनों की दोस्ती में बड़ी वजह दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा।
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सुनील जहां पटियाला के भादसो में हुए बहुचर्चित शिवानी हत्याकांड में जेल में बंद था वहीं पलव‌िंदर उर्फ पिंदा चोरी के एक मामले में सजा काट रहा था। जेल में दोस्ती परवान चढ़ने के बाद दोनों ने भविष्य में एक दूसरे का साथ देने का वादा किया था। यही वजह थी कि जेल से फरारी के बाद पलव‌िंदर ने सुनील से ही संपर्क साधा था। दोस्ती और लालच के फेर में सुनील भी इस साजिश का हमराज बन गया।

शिवानी हत्याकांड में जेल में बंद था सुनील, वहीं हुई दोस्ती

सुनील की पत्नी को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार किया है। - फोटो : SELF
मिली जानकारी के अनुसार 11 नवंबर 2009 को सुनील कालरा ने अपने साथी के साथ मिलकर पटियाला के भादसो में शिवानी बंसल की हत्या कर 28 लाख रुपये लूट लिए थे। हत्या के बाद शव को फेंक दिया था।

इस मामले में पुलिस ने सुनील कालरा को गिरफ्तार किया था और उसके घर से करीब साढ़े पंद्रह लाख रुपये भी बरामद हुए थे। जबकि करीब साढ़े नौ लाख रुपये हत्या में शामिल रहे सुनील के साथी के पास बरामद किए गए थे। शिवानी हत्याकांड में सुनील कालरा वर्ष 2009 से 2012 तक जेल में रहा और जेल में ही उसकी मुलाकात पलमिंदर से हुई थी।

दोनों की जेल में खूब छनी इसी बीच सुनील रिहा होने के बाद पत्नी के साथ देहरादून आकर डिफेंस कॉलोनी में शिफ्ट हो गया था। पहले उसने यहां मैरिज ब्यूरो खोला जो चला नहीं। बाद में सुनील परिवार के साथ रायपुर के अमन विहार में किराए पर रहने लगा।

पुलिस टीम पर हमला कर पिंदा को कराया था फरार

पलविंदर सिंह उर्फ पिंदा - फोटो : AmarUjala
इधर पिंदा ने रिहा होने के बाद साल 2013 में जालंधर में एएसआई गुरदेव सिंह की हत्या कर दी। उसे पटियाला पुलिस ने इस वारदात के एक साल बाद गिरफ्तार किया था। पिंदा के खिलाफ चार और केस चल रहे हैं। इनमें दो जालंधर के और एक कपूरथला और एक पटियाला का है। गिरफ्तारी के बाद उसे नाभा जेल में बंद किया गया।

गैंगस्टर पलविंदर सिंह पिंदा अप्रैल 2016 दांत दर्द का बहाना करके सिविल अस्पताल में चेकअप के लिए गया। इसी बीच उसके चार हथियारबंद साथी कांस्टेबल दीप चंद को गोली मारकर और बाकी कांस्टेबलों पर लाल मिर्ची डालकर गैंगस्टर पिंदा को भगा ले गए थे।

फरार होने के बाद पिंदा सीधे सुनील के पास दून पहुंचा। सुनील ही पलविंदर को एक डीलर के पास ले गए, जहां से उन्हें रिटायर्ड अधिकारी आरके शुक्ला का मकान मिला था।
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मकान मालिक का 10 हजार का चालान

नाभा जेल पटियाला
पलविंदर उर्फ पिंदा शुगर मिल से सेवानिवृत्त आर के शुक्ला के मकान में किराए पर रह रहा था। रात में पुलिस शुक्ला के दूसरे आवास पर भी गई थी, जहां पर पता चला कि वह पीलीभीत गए है।

हालांकि शुक्ला की तरफ से कहा गया था कि आईडी पुलिस को भेजी गई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस ने सत्यापन न कराने पर मकान मालिक से नाराजगी जताते हुए 10 हजार रुपये का चालान किया है।
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