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चाचा-भतीजे की हत्या कराने के बाद करता रहा पुलिस की मदद, हर कदम पर मिटाता रहा सबूत

Tue, 19 Sep 2017 09:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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चाचा भतीजे की हत्या कराने के बाद मुख्य हत्यारोपी ग्राम प्रधान ललित रोड़ एसपी देहात और सीओ से मिलकर वारदात के खुलासे में मदद करता रहा। वह हर कदम पर पुल‌‌िस के साथ रहा।
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इसके बाद वह पुल‌िस की प्लान‌िंग जानकर सबूत भी म‌‌िटाता रहा। उसके बार-बार पुलिस से मिलने पर पुलिस अधिकारियों को उसकी करतूत पर शक हुआ। उसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो राज से पर्दा हट गया। 

बता दें क‌ि, डेढ़ माह पहले बेलड़ी गांव के पास स्थित पाइप के गोदाम में हुई चौकीदार चाचा-भतीजे की हत्या का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। दोनों की हत्या बेलड़ी गांव के ग्राम प्रधान पति ने डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर तीन युवकों से करवाई थी।
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मास्टर माइंड का मकसद था कि दोनों चौकीदारों की हत्या कर इसका आरोप गोदाम मालिक के सिर पर लग जाएगा। उसके बाद गोदाम खाली करवाकर वह उसमें अपना कारोबार करेगा, लेकिन वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुआ। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या का मास्टर माइंड ग्राम प्रधान पति फरार है। 

murder
पांच अगस्त को ढंढेरी ख्वाजगीपुर गांव में गोदाम की चौकीदारी कर रहे खेलपुर निवासी इंद्र पाल सिंह और मेघराज की धारदार हथियार से बदमाशों ने हत्या कर दी थी। इस पर इंद्र पाल सिंह के बेटे इनक राम ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

डेढ़ माह की भागदौड़ के बाद मंगलवार को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को केल्हनपुर और ढंढेरी ख्वाजगीपुर गांव से दबोच लिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने बताया कि चाचा-भतीजे की हत्या बेलड़ी निवासी ग्राम प्रधान पति ललित रोड़ ने डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर धर्मेंद्र (निवासी केल्हनपुर), अनुज व मोहन (उर्फ आयुष, निवासीगण ढंढेरी ख्वाजगीपुर) से करवाई।

वारदात वाले दिन तीनों आरोपी गोदाम में पहुंचे। आरोपी मोहन ने आवाज लगाकर गोदाम का मुख्य गेट खुलवाया और अंदर चला गया। पहले उसने मेघराज और इंद्र को नशीला पदार्थ मिलाई मिठाई खिलवाई। मिठाई खाते ही दोनों चाचा-भतीजे अचेत हो गए।
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उसके बाद बाहर खड़े दोनों हत्यारोपी भीतर आए और तीनों ने इंद्र पाल सिंह की हत्या कर दी। नशीली मिठाई खाने से मेघराज हल्का सा होश में था। उसने तीनों हत्यारों का विरोध भी किया, लेकिन नशे में होने की वजह से वह कुछ खास नहीं कर पाया और तीनों ने मिलकर उसकी भी हत्या कर दी।

वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों गोदाम से फरार हो गए और गांव में जाकर सो गए। सुबह जब दोहरे हत्याकांड को लेकर हंगामा मचा और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हुई तो तीनों आरोपी भी भीड़ में शामिल हुए और हत्याकांड के विरोध में हंगामा करने लगे।

एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने बताया कि मुख्य हत्यारोपी ललित रोड़ गोदाम को खाली कराकर कारोबार करना चाहता था। हत्यारों की मंशा थी कि चाचा-भतीजे की हत्या के बाद गोदाम मालिक पर हत्या का आरोप मढ़ जाएगा, लेकिन वह अपनी योजना में कामयाब नहीं हुए। एसपी देहात ने बताया कि मुख्य हत्यारोपी ग्राम प्रधान पति फरार है, जिसकी धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। 
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