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घर में ही घुसकर मारी प्रॉपर्टी डीलर को गोली, लेकिन घायल की हिम्मत देख फरार हुए बदमाश

Sat, 09 Dec 2017 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर
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Firing
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दरवाजा खटखटाने की आवाज पर बाहर आए प्रॉपर्टी डीलर को बदमाशों ने गोली मार दी, लेकिन पेट में गोली लगने के बावजूद घायल ने बदमाशों को ललकारते हुए अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से कई फायर झोंके, जिस पर बदमाश फरार हो गए।
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गोलियों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम सांडखेड़ा निवासी जगजीत सिंह (42) पुत्र गुलजार सिंह काश्तकार हैं। वह प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त और कमीशन एजेंट के रूप में भी काम करते हैं।  

बृहस्पतिवार को जगजीत अपनी पत्नी सरनजीत कौर और पुत्री कमलजीत कौर के साथ अपने मकान के दो मंजिले पर थे। बेटा लवजीत स्कूल टूर पर जयपुर गया है। रात करीब साढ़े दस बजे मुख्य गेट खटखटाने की आवाज आई।
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पति-पत्नी ने झांककर नीचे देखा तो वहां कोई दिखाई नहीं दिया। इस पर जगजीत अपना लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर गेट पर पहुंचे। वहां मौजूद चार-पांच नकाबपोश बदमाशों ने जगजीत पर फायर झोंक दिया। पेट में गोली लगने से वह वहीं गिर पड़े। इसके बावजूद जगजीत ने अपने रिवाल्वर से चार राउंड फायर झोंके। जवाबी फायरिंग होने से बदमाश भाग खड़े हुए।

फायरिंग की आवाज सुनकर ग्रामीण उनके घर की ओर दौड़ पड़े। घायल जगजीत को रामनगर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर उनके पेट से गोली निकाल दी है। अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घायल की पत्नी सरनजीत की ओर से आईटीआई थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर सौंपी गई है।
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वारदात की वजह प्रॉपर्टी का लेन-देन,18 घंटे तक पुलिस को नहीं थी घटना की जानकारी

पु‌लिस - फोटो : file photo
जगजीत सिंह के घर बदमाश लूट के इरादे से आए थे या प्रापर्टी के लेन-देन को लेकर उनके बीच कोई विवाद था। यह बात अभी तक पुलिस की जांच में स्पष्ट नहीं हो पाई है। थाना प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया घायल के परिजनों की ओर से पुलिस को शुक्रवार शाम तक कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

थाना प्रभारी जसवीर का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान घायल के पेट से 32 बोर की गोली निकली है। उसका लाइसेंसी रिवाल्वर भी 32 बोर का है। मामला संदिग्ध भी माना जा रहा है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

साभंडखेड़ा निवासी जगजीत सिंह को गोली लगने के मामले में आईटीआई पुलिस 18 घंटे बाद भी बेखबर रही। घायल जगजीत के निजी अस्पताल में भर्ती होने के बाद कटोराताल चौकी पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उसके बयान लिए।

आईटीआई थाना प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि गोली लगने की जानकारी होने पर शुक्रवार की शाम उन्होंने ग्राम प्रधान को फोन कर घटना के बारे में जानकारी चाही, लेकिन ग्राम प्रधान ने इसकी जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
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