उत्तराखंड के पिरान कलियर में वर्ष 2009 में हुए दोहरे हत्याकांड में फरार ईनामी अपराधी रफी को एसटीएफ और रुड़की पुलिस की संयुक्त टीम ने मुंबई से गिरफ्तार किया है।
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मुंबई की स्थानीय कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर पुलिस आरोपी को यहां ला रही है। डीजीपी बीएस सिद्धू ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
आठ अगस्त 2009 को पिरान कलियर क्षेत्र के कब्रिस्तान के पास महिला और बच्चे के शव मिले थे। मृतका की पहचान नूरजहां (40) पत्नी अब्दुल निवासी यमुना विहार दिल्ली के रूप में हुई थी, जबकि 10 वर्षीय बच्चे को महिला ने गोद ले रखा था।
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गला रेतकर हत्या की थी
पुलिस ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए महिला के किरायेदार अधिवक्ता इमाज रजा नकवी पुत्र एआर नकवी निवासी मैनाठरे, संभल मुरादाबाद को गिरफ्तार किया था।
दावा किया था कि महिला की दिल्ली और बिहार में करोड़ों की संपत्ति हड़पने की नीयत से उसकी और उसके गोद लिए पुत्र की यहां लाकर गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।
भाड़े के हत्यारों ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। तीन आरोपी पकड़ लिए गए थे, जबकि एक आरोपी रफी फरार चल रहा था।
डीआईजी रेंज की ओर से आरोपी पर पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी रफी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस टीम उसे यहां ला रही है।
महिला के पास थी करोड़ों की संपत्ति
सऊदी अरब में पति की मौत के बाद नूरजहां स्वदेश आ गई थी और एक बालक को गोद लिया था। बिहार में उसका 40 कमरों का होटल था और दिल्ली में भी करोड़ों की कीमत का मकान था।
दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा अधिवक्ता ही उसका कामकाज संभालता था, लिहाजा उसे हर संपत्ति का ब्यौरा पता था।
धर्मस्थल पर माथा टेकने के बहाने यहां लाकर हत्या करने की साजिश अधिवक्ता ने पहले में ही तैयार कर ली थी और अपने गृह क्षेत्र से भाडे़ के हत्यारे बुला लिए थे। महिला के नाते रिश्तेदार भी नहीं थे, लिहाजा आरोपी अधिवक्ता को उम्मीद नहीं थी कि कभी उनकी पहचान हो पाएगी। लेकिन समाचार पत्र में मृतकों के फोटो छपने पर उनकी पहचान हो सकी थी।
दोहरे हत्याकांड के आरोपी रफी उर्फ रफिया का ठिकाना चार बरस से मुंबई में बना हुआ था। वहां ठेकेदारी के धंधे में पैर जमा चुके रफी की नई पहचान गुड्डू के तौर पर होती थी। बीते नौ मई को ही उसने निकाह किया था।
मुरादाबाद में परिवार से मिले लिंक के जरिये रफी गिरफ्त में आ सका। पांच साल से पहेली बने रफी की खोजबीन के लिए पुलिस और एसटीएफ लगातार संभल, मुरादाबाद में उसके परिवार वालों पर निगाह रखे हुए थी।
एसटीएफ ने परिवार के हर सदस्य के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली, तब एसटीएफ ने मुंबई का मोबाइल फोन नंबर ट्रेस किया।
करीब एक माह से चल रही मशक्कत के बाद एसटीएफ ने मुंबई के ऑर्चिड टावर, नागपाडा, मुंबई सेंट्रल से उसे दबोच लिया। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, आरोपी का ठेकेदार का धंधा ठीकठाक चल रहा था और वहां उसे सब गुड्डू के नाम से पहचानते थे। वह वहां 17 हजार रुपये प्रतिमाह किराये के फ्लैट में रहा था। पुलिस के अनुसार, नौ मई को ही रफी ने मुंबई की युवती से निकाह रचाया था।