फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीड़िता से पूछताछ करने दिल्ली पहुंची दून पुलिस

Sun, 24 Nov 2013 11:53 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवती के यौन शोषण के मामले में पीड़िता से पूछताछ करने के लिए देहरादून पुलिस दिल्ली पहुंच चुकी है।
विज्ञापन


पढ़ें, फूलों की यह घाटी गूगल पर है, लेकिन नक्शे में नहीं

शनिवार की सुबह सीओ सिटी की अगुवाई में पुलिस की टीम, महिला दारोगा समेत दिल्ली पहुंची। बताया गया कि दिल्ली पुलिस द्वारा यह केस दून पुलिस को ट्रांसफर किया जाएगा और पीड़िता के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

इसके साथ ही जिन लोगों पर आरोपी अपर सचिव ने मुकदमा दर्ज कराया है उनके भी बयान लिए जाएंगे।

अन्य युवतियों का भी यौन शोषण किया
इससे पहले शुक्रवार देर रात दिए अपने बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार के अपर सचिव जेपी जोशी ने उसके अलावा कई अन्य युवतियों का भी यौन शोषण किया।
विज्ञापन


युवती के मुताबिक इस प्रकरण में जोशी की परिचित रितू कांडियाल भी शामिल रही हैं। पीड़िता ने उत्तराखंड के एक एसपी देहात के खिलाफ भी धमकी देने का आरोप लगाया है। दिल्ली पुलिस ने इन बयानों को जीरो एफआईआर में दर्ज किया है।

पढ़ें, बाबा रामदेव को देना होगा डेढ़ करोड़ का जुर्माना

शिमला की रहने वाली 29 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि चार साल पहले सोशल वेबसाइट के जरिए उसकी पहचान रितू कांडियाल नामक युवती से हुई थी। दोनों की दोस्ती बढ़ती गई। करीब तीन साल पहले रितू ने उसे जेपी जोशी से मिलवाया।

जेपी जोशी ने उसे सरकारी नौकरी का झांसा दिया और उसका शारीरिक शोषण करने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 20 अक्तूबर 2013 को जेपी जोशी ने उसे नैनीताल के होटल कमला पैलेस में बुलाया और वहां उसकी अश्लील सीडी बना ली।

जान से मारने की धमकी दी
बाद में जोशी ने अश्लील सीडी इंटरनेट पर डलवाने और लोगों में बंटवाने की धमकी दी। विरोध जताने पर जोशी और कांडियाल ने उसे जान से मारने की धमकी दी।

यहीं नहीं जेपी के इशारे पर कुछ गुंडों और उत्तराखंड में एसपी देहात जगदीश भंडारी ने उसे धमकाया। पीड़िता का कहना है कि जब उसे यकीन हो गया कि उत्तराखंड में उसकी सुनवाई नहीं होगी।
विज्ञापन


तभी वह दिल्ली में शिकायत करने के लिए आई। दिल्ली पुलिस ने उसके बयाने के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला उत्तराखंड पुलिस को सौंप दिया है।

कड़कड़डूमा अदालत में हुए 164 के बयान
पीड़ित महिला के शनिवार को कड़कड़डूमा स्थित संबंधित मजिस्ट्रेेट के समक्ष धारा-164 के तहत बयान दर्ज किए गए। महिला ने अपने बयान में उन सभी आरोपों की पुष्टि की, जो उसने अपनी शिकायत में दर्ज कराई थी।

फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करे---
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें