तिहाड़ जेल से भेजे एक पत्र में सामने आए इन तीन बिंदुओं के आधार पर पुलिस ने डीके सिन्हा की पत्नी समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हैरत की बात यह है कि सिन्हा कौन है, कहां रहता था, प्रॉपर्टी कहां है और कत्ल कब हुआ यह पुलिस को मालूम ही नहीं है।
पत्र में सिन्हा को टेंडर रोड पर रहने वाला बताया है, जबकि इस नाम की कोई सड़क दून में नहीं है। पुलिस को पत्र भेजने वाला खुद तिहाड़ में सजा काट रहा है।
उसका दावा है कि उसे सिन्हा की सुपारी देने की कोशिश की गई थी।
तिहाड़ जेल के कैदी ने भेजा है डीजीपी को पत्र
तिहाड़ जेल के कैदी लोकेश ने डीजीपी बीएस सिद्धू को कुछ दिन पूर्व एक पत्र भेजा। उसने लिखा था कि टेंडर रोड निवासी डीके सिन्हा के नाम पर करोड़ों की संपत्ति है।
उसकी पत्नी संपत्ति पर कब्जा करना चाहती थी। इसमें महिला ने अपने भाई-भाभी को भी मिला लिया था।
लोकेश का दावा है कि सिन्हा की पत्नी ने तिहाड़ जेल में उससे संपर्क कर सिन्हा को मारने के लिए सात लाख की सुपारी देने की कोशिश की, लेकिन उसने इनकार कर दिया।
लोकेश का कहना है कि कुछ दिन पूर्व उसे पता चला कि सिन्हा की हत्या कर दी गई है। इसके बाद उसने डीजीपी को पत्र लिखा।
DGP ने SSP को दिया मुकदमा दर्ज करने का आदेश
डीजीपी सिद्धू ने भी जांच कराए बिना मुकदमा दर्ज करने का आदेश एसएसपी को दे दिया। इसके बाद आम जनता को भटकाने वाली पुलिस ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर ली।
क्लेमेंटटाउन पुलिस टेंडर रोड को टर्नर रोड मानकर चल रही है। लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने के 24 घंटे बाद भी यह साफ नहीं हुआ है कि आखिर सिन्हा था कौन और उसकी हत्या कब हुई।
एसओ विनोद गुसाईं कहते हैं कि विवेचना चल रही है, जल्द सभी सवालों का जवाब मिलेगा। उधर, विभाग में ही यह चर्चा है कि कहीं यह पुलिस को उलझाने या कुछ लोगों को फंसाने की कोशिश तो नहीं।