दरिंदे ने 11वीं में पढ़ने वाली किशोरी के साथ गन्ने के खेत में रेप किया। फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पोस्टमार्टम में वारदात की पुष्टि होने के बाद ग्रामीणों ने तीन घंटे भारी बवाल काटा। मामला बेहद संवेदनशील हो गया था। जानिए, पूरा मामला...
मामला कुंडेश्वरी चौकी क्षेत्र के ग्राम गुलजारपुर इलाके का है। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम 14 वर्षीय किशोरी अपनी दो बहनों के साथ घास काटने गई थी, जहां दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। गन्ने के खेत से अर्द्धनग्न अवस्था में उसका शव बरामद हुआ।
मृतका के पिता ने कुंडेश्वरी चौकी में दी तहरीर में गांव के ही परविंदर उर्फ पिंदर पुत्र लखविंदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद गला दबाकर किशोरी की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। दुष्कर्म की पुष्टि होते ही मोर्चरी के बाहर मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा।
उन्होंने मौके पर जमकर हंगामा काटा। इस बीच उनकी पुलिसकर्मियों के साथ तीखी झड़प हुई। उनका कहना था कि दुष्कर्म और हत्या की वारदात में कुछ और व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं।
police force in action
करीब 11 बजे ग्रामीणों ने शव कुंडेश्वरी स्थित शहीद चौक पर रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाम की सूचना पर सीओ राजेश भट्ट, कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई वीरेंद्र रमोला, कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी दिनेश सिंह फर्त्याल और उपनिरीक्षक पीडी जोशी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
कोतवाल शर्मा ने बाजपुर गांव में दबिश देकर आरोपी परविंदर को गिरफ्तार कर लिए जाने की जानकारी दी और अपने साथ चार लोगों को आरोपी से बात कराने के लिए भी ले गए। वापस लौटने पर ग्रामीण आरोपी को सामने लाने की जिद पर अड़ गए। उनका कहना था कि इस हत्याकांड में कुछ और लोगों का हाथ होने की आशंका है, उनका पता लगाकर उनकी भी गिरफ्तारी की जाए।
ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर जाम लगा दिया। इससे आईआईएम के छात्रों की बस समेत कई वाहन फंस गए। कोतवाल ने ट्रैक्टर-ट्रॉली हटवाने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारी उनसे उलझ गए। इस पर पुलिस का धैर्य जवाब दे गया। पुलिस ने जाम लगा रहे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिससे भीड़ में भगदड़ मच गई।
इस बीच प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पत्थर बरसाए। पुलिस ने दूर तक लोगों को खदेड़ा। उसके बाद छात्रा का शव ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखवाकर उसके गांव भिजवा दिया। तब करीब दो बजे आवागमन सुचारू हो सका।