आढ़ती से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए मंडी समिति के सचिव ऋषिपाल सिंह को विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ दबोचा है। मंडी में एक दुकान को लेकर परिवार के दो पक्षों में चल रहे विवाद के संबंध में एसडीएम रुड़की के आदेश का पालन करवाने के नाम पर आढ़ती से रिश्वत मांगी गई थी। विजिलेंस टीम देर रात तक आरोपी सचिव से पूछताछ कर रही थी।
शहर के साकेत मोहल्ला निवासी आढ़ती संजीव ग्रोवर का अपने परिवार में ही एक पक्ष से मंडी में दुकान नंबर बी-12 को लेकर विवाद चल रहा है। मामले में एसडीएम रुड़की की ओर से एक पक्ष के हक में फैसला दे दिया गया था।
आरोप है कि इस आदेश का पालन करवाने की एवज में मंडी समिति सचिव ऋषिपाल सिंह ने संजीव ग्रोवर से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। मोलभाव होने पर सचिव 20 हजार रुपये लेने को राजी हो गया। उसके बाद आढ़ती संजीव ग्रोवर ने इसकी शिकायत विजिलेंस अधिकारियों से कर दी। विजिलेंस टीम ने आरोपी को दबोचने के लिए योजना बनाई।
रुपये पकड़ते ही विजिलेंस ने दबोच लिया
ऋषिपाल सिंह
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योजना के तहत सोमवार शाम शिकायतकर्ता संजीव ग्रोवर 20 हजार रुपये लेकर मंडी समिति सचिव के दफ्तर पहुंचे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पाउडर लगे नोट मंडी समिति सचिव को थमाए। वैसे ही विजिलेंस टीम ने आरोपी को दबोच लिया।
देर रात तक मंडी समिति कार्यालय के बंद कमरे में आरोपी मंडी सचिव से विजिलेंस टीम पूछताछ करती रही। टीम में शामिल विजिलेंस के इंस्पेक्टर जयमल सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी मंडी समिति सचिव ऋषिपाल सिंह जीएमएस रोड, निरंजनपुर, देहरादून का रहने वाला है।
चेयरमैन का मोबाइल भी बंद
मंडी समिति में विजिलेंस की दबिश पड़ते ही इसकी भनक मीडिया कर्मियों को लग गई। टीम ने दफ्तर का दरवाजा बंद कर शिकायतकर्ता की मौजूदगी में आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी। मामले की जानकारी के लिए मंडी समिति चेयरमैन प्रमोद जौहर के फोन घनघनाने लगे। इसके बाद रात करीब सवा आठ बजे चेयरमैन प्रमोद जौहर का मोबाइल ऑफ हो गया।