घर में रखा टेलीविजन अपने कमरे में रखने पर दो भाइयों में इस कदर झगड़ा हुआ कि छोटे ने बड़े की छाती में चाकू घोंप दिया।
गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद छोटा भाई फरार हो गया, कुछ घंटे बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
गोविंदगढ़ स्थित आजाद कॉलोनी निवासी राजकुमार का पांच वर्ष पूर्व निधन हो गया था।
सीओ सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि बंटवारा न होने के कारण राजकुमार के तीनों विवाहित बेटे देवेंद्र, अशोक और सुशील परिवार संग एक ही घर में रह रहे थे।
सबसे बड़ा देवेंद्र (38) कबाड़ का काम करता है, जबकि अशोक (35) और सुशील (33) पुताई ठेकेदार।
पिता के निधन के बाद से तीनों भाइयों में बंटवारे के लिए विवाद चल रहा है। कई बार उनमें जमकर मारपीट भी हो चुकी है। पड़ोसी बीचबचाव कर उन्हें संभालते थे।
अशोक के जमीन पर गिरते ही सुशील भाग निकला
मंगलवार सुबह देवेंद्र काम पर चला गया, सुशील और अशोक घर पर ही थे। घर में टीवी सुशील के ही कमरे में था, जिसे अशोक लंबे समय से अपने कमरे में ले जाना चाहता था।
सुशील नहाने बाथरूम में घुसा तो अशोक ने उसके कमरे से टीवी निकाल अपने कमरे में लगा लिया। कुछ देर बाद सुशील लौटा तो टीवी न पाकर अशोक के कमरे में गया।
वहां टीवी देखते ही उसका पारा चढ़ गया। उसने टीवी वापस मांगा तो दोनों में बहस के बाद मारपीट हो गई। दोनों लड़ते हुए बाहर सड़क पर निकल गए।
सुशील ने चाकू निकाल लिया। अशोक की पत्नी ने उसे रोका तो उसके हाथ में चोट लग गई। इस बीच सुशील ने अशोक की छाती में चाकू दे मारा। अशोक के जमीन पर गिरते ही सुशील भाग निकला।
परिजनों ने अशोक को विक्रम में डालकर दून अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान अशोक की मौत हो गई। डाक्टरों ने बताया कि चाकू के वार ने दिल की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
बाद में अशोक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। कुछ देर बाद पुलिस ने सुशील को घर के पास ही दबोच लिया।
पहले से था हत्या का इरादा
पुलिस के अनुसार, अशोक पर जिस चाकू से वार किया गया, उसे सुशील ने कुछ दिन पूर्व ही खरीदा था। पुलिस पूछताछ में सुशील ने माना कि उसने भाई की जान लेने का इरादा बना लिया था। मंगलवार को विवाद हुआ तो उसने वार कर दिया।
दिनदहाड़े महिला से चेन-अंगूठी लूटी
तीन बदमाशों ने दिनदहाड़े धारदार हथियार और तमंचा दिखाकर एक महिला से सोने की चेन और आर्टिफिशियल अंगूठी लूट ली।
महिला घर से सब्जी लेने के लिए मंडी जा रही थी। बदमाशों की दहशत से सदमे में आई महिला ने कई घंटे बाद परिवार को वारदात की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही महिला के पति और रिश्तेदार घर पहुंचे। उधर, पुलिस ने भी मौका मुआयना किया। कांवली रोड पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नित्यानंद स्वामी के आवास से कुछ कदम आगे नवीन कुमार जैन का घर है।
महिला को जान से मारने की धमकी दी
नवीन का विकासनगर में कालिंदी नामक अस्पताल है। उनकी पत्नी सुमन जैन गृहणी हैं। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे सुमन सब्जी लेने के लिए घर से निकलीं।
अभी वह थोड़ी ही दूर गई थीं कि एक युवक उनके पास आया और चाकू दिखाकर अंगूठी और चेन उतारने के लिए कहा। इसी दौरान दो और बदमाश आ गए।
तीनों ने महिला को जान से मारने की धमकी दी। उसके बाद सुमन ने चेन और अंगूठी बदमाशों को दे दी। महिला के अनुसार, तीनों बदमाश पैदल थे। वारदात के बाद बदमाश पैदल ही भाग गए।
सुमन घर आ गई। कुछ देर गुमशुम रहने के बाद उन्होंने आपबीति मां को बताया। मां ने सारी जानकारी नवीन और सुमन के जीजा विपिन जैन को दी।
विपिन जैन का राजपुर रोड पर माडर्न ज्वेलर्स की शॉप है। सूचना मिलते ही विपिन ने दून के ज्वैलर्स शॉप को एसएमएस करके सूचित किया।
पुलिस वाला बताकर बुजुर्ग को ठगा
राजपुर रोड पर दो बदमाशों ने खुद को पुलिस वाला बताकर बुजुर्ग से सोने की चेन और अंगूठी ठग ली।
अपराध बढ़ने की नसीहत देकर बदमाशों ने बुजुर्ग की चेन और अंगूठी उतरवाई और रुमाल में रखने के बजाए हड़प ली। व्यक्ति को अपने साथ ठगी का पता घर जाकर चला।
इसके बाद उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे नेशविला रोड निवासी नंदलाल हसीजा (60) किसी कार्य से राजपुर रोड आए थे।
एचडीएफसी बैंक के बाहर उन्हें दो युवक मिले। दोनों ने उन्हें अपना परिचय पुलिस के जवान के तौर पर दिया।
दोनों ने बुजुर्ग को यह कहकर कि शहर में अपराध बढ़ रहे हैं और आप चेन व अंगूठी पहनकर घूम रहे हैं। आपके साथ कोई वारदात हो गई तो कौन जिम्मेदार होगा?
दोनों ने बुजुर्ग को नसीहत दी कि चेन और अंगूठी रुमाल में लपेटकर जेब में रख लें। पुलिस वाला समझकर बुजुर्ग को उन पर विश्वास हो गया। उन्होंने अंगूठी और चेन उतार कर उनमें से एक युवक को दे दी।
युवक ने रुमाल में लपेट कर चेन और अंगूठी वापस कर दी। घर पहुंचने पर जब नंदलाल ने रुमाल खोला तो उनके होश उड़ गए। रुमाल में चेन और अंगूठी की जगह पत्थर निकले।