बहन के हाथ पीले करने के लिए यह शख्स गैंगस्टर बन गया और फिर अपराध की दुनिया में कदम बढ़ाता गया, लेकिन इस गैंगस्टर की कहानी पढ़कर आपका भी दिल पसीज जाएगा।
रुड़की कोर्ट में हुई गैंगवार के एक शॉप शूटर ने बहन के हाथ पीले करने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखा है। इसके साथ ही दो अन्य शॉप शूटरों को पैसों का लालच दिया गया था। पुलिस अधिकारियों के शूटरों से की गई पूछताछ में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जबकि तीनों शूटरों का इससे पहला कोई आपराधिक इतिहास नहीं हैं।
सोमवार को रुड़की कोर्ट में हुई गैंगवार के दो शार्प शूटर अजय पुत्र कृष्णपाल एवं मोहित पुत्र सतवीर को मौके पर ही दबोच लिया गया था। वहीं विकास पुत्र रल्दू को देहरादून से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की दोनों शूटरों से पूछताछ में सामने आया है कि अजय अपनी बहन की शादी करना चाहता था, वहीं घर की हालत ठीक नहीं होने के कारण बात नहीं बन पा रही थी। इस चीज का फायदा ऋषिपाल ने उठाया।
बहन की शादी का पूरा खर्च उठाने का दिया था लालच
Shooter
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ऋषिपाल ने इसी मजबूरी का फायदा उठाकर अजय को लालच दिया की वह अपनी बहन की शादी के लिए लड़का देख ले। शादी का पूरा खर्च ऋषिपाल उठाएगा, लेकिन इस एवज में देवपाल की हत्या की घटना को अंजाम देना था। इसके साथ ही मोहित और विकास को भी पैसों का लालच दिया गया था।
पुलिस दोनों शूटरों से यह उगलवाने में सफल नहीं रही कि इस एवज में मोहित और विकास को कितनी रकम दी जानी थी। तीनों शॉर्प शूटरों का इससे पहला कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
जिसके चलते जहां अजय ने बहन की शादी को लेकर अपराध की दुनिया में कदम रखा है, वहीं मोहित और विकास को पैसों का लालच देकर गैंगवार के लिए तैयार किया गया था।
एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने सिविल लाइंस कोतवाली में पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि अजय को बहन की शादी का खर्च उठाने का भरोसा देकर वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया ।
उन्होंने बताया कि राजनीतिक कारणों के चलते ऋषिपाल ने तीनों को हत्या करने के लिए भेजा था। उन्होंने बताया कि गार्ड कमांडर एसआई सतपाल की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।