देहरादून के त्यागी रोड और लक्खी बाग पुलिस चौकी में जो कुछ भी हुआ, वह पुलिस की नासमझी और अदूरदर्शिता को दर्शाता है। दो संप्रदाय से जुड़े मामले पर गंभीरता दिखाने के बजाए उसे हल्के में लिया गया। गनीमत रही कि बड़ा फसाद होने से टल गया।
लक्खी बाग पुलिस चौकी क्षेत्र के त्यागी रोड पर हुए बवाल की खबर पुलिस को मीडिया से मिली। बावजूद इसके पुलिस ने मौके पर पहुंचने में 15 से 20 मिनट लगाए। तब तक तोड़फोड़ के बाद महताब की धुनाई हो चुकी थी। चौकी प्रभारी महताब को वहां से निकाल कर ले गए तो भीड़ लक्खी बाग चौकी पर पहुंच गई। इसी बीच कई संगठनों के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया।
उनके तेवर तीखे थे। उग्र भीड़ ने बाइक पर आए दो युवकों की आरोपी का मुखबिर बताकर धुनाई कर दी। फिर भी पुलिस लोगों का मूड नहीं भांप पाई। चौकी प्रभारी अकेले उनसे जूझते रहे। पुलिस आरोपी को मेडिकल के बाद कोतवाली ले जाने के बजाए चौकी लाने की भूल कर गई।
भीड़ ने पुलिस अभिरक्षा में ही आरोपी की फिर से पिटाई करने की कोशिश की। चंद पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की हुई। हालांकि वह सफल नहीं हो पाए। जाम के बीच पूर्व छात्र नेता से धक्का-मुक्की से माहौल गरमा गया। करीब डेढ़ घंटे चले बवाल पर अधिकारी की बात तो दूर कोतवाली पुलिस तक नहीं आई।
बाद में एसपी सिटी पुलिस बल लेकर पहुंचे तो स्थिति काबू में आई। समय रहते पुलिस बल आ जाता तो इस तरह के हालात न पैदा होते।
पत्नी बताकर लिया था कमरा
लक्खी बाग चौकी प्रभारी नवनीत भंडारी ने बताया कि त्यागी रोड स्थित होटल के मैनेजर का कहना है कि युवक ने युवती को पत्नी बताकर कमरा लिया था। बताया कि नोटिस भेजकर रजिस्टर की कापी मांगी गई है। होटल का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।