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बिना हथियार और खूनखराबे के हुई लाखों की लूट

Wed, 27 Aug 2014 11:44 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी देहरादून में मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे पूजा बडोला के घर के दरवाजे पर दस्तक हुई। पूजा की बेटी बबीता ने दरवाजा खोला तो एक अधेड़ उम्र की महिला उसके सामने आई।
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युवकों ने बबीता को दी चुप रहने की धमकी
बबीता के कोई सवाल करने से पहले ही आगंतुक महिला ने पूछा क्या आशीष यहीं रहता है? बबीता ने जवाब दिया कि आंटी आशीष हमारे पड़ोस में रहता है। बबीता का वाक्य खत्म भी नहीं हुआ था कि दीवार की आड़ में छिपे दो युवक उसके सामने आ गए।

पल भर में एक युवक ने अपने हाथ से उसका मुंह ढक लिया और दूसरे ने उसे अंदर की तरफ धक्का दे दिया। अधेड़ महिला ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद बबीता को दोनों युवकों ने बेड पर धकेल दिया और चुप रहने की धमकी दी।
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उसके बाद एक युवक ने बबीता से कान में पहने सोने के कुंडल उतारने को कहा, जबकि महिला अलमारी की चाबी मांगने लगी।

अलमारी में रखे एक लाख रुपए और आभूषण निकालने के बाद तीनों ने बबीता को घेर लिया और कहा कि अगर मुंह खोला तो पूरे परिवार को मार देंगे।

दोपहर तीन बजे तक वारदात को अंजाम देकर तीनों चले गए। जाते समय बबीता के मोबाइल फोन की बैटरी भी ले गए। बिना हथियार और बिना खूनखराबे के हुई लूट के बारे में बबीता ने पुलिस को यह बयान दिया है।

वारदात के वक्त घर में अकेली थी बबीता
मोथरोवाला धोबीघाट क्षेत्र निवासी पूजा बडोला (62) पत्नी स्व. राजकुमार की बेटी बबीता (27) ने पुलिस को बताया कि दोपहर को उसकी मां पूजा अपनी बहन से मिलने गुलरघाटी गई थी। उनके चले जाते ही बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।

तकरीबन पांच बजे पूजा गुलरघाटी से लौटी तो बबीता सहमी मिली। कारण पूछने पर उसने पूरी घटना बताई। बताया कि बदमाशों ने वारदात की सूचना पुलिस को देने पर जान से मारने की धमकी दी है।

इसके बाद पूजा ने पड़ोसियों से सलाह ली तो सभी ने पुलिस को सूचित करने की राय दी। शाम करीब छह बजे नेहरू कालोनी थाने को घटना की सूचना दी गई। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। युवती से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों का स्कैच तैयार किया जा रहा है।

निर्माण के लिए रखे थे एक लाख
पूजा बडोला ने बताया कि उन्होंने मकान की ऊपरी मंजिल के निर्माण के लिए घर में एक लाख रुपये रखे थे। कुछ दिन पूर्व ही बैंक से पैसे निकाले थे।

लुटेरों को इसका पता कैसे चला इस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने क्षेत्र के कई लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

वारदात के बारे में सवाल
बिना हथियार क्यों आए बदमाश? घर की छत पर मौजूद मजदूरों और पड़ोसियों को भनक क्यों नहीं लगी? बदमाशों को कैसे पता चला कि बबीता अकेली है और घर में एक लाख रुपए हैं? लूट की सूचना पुलिस को चार घंटे बाद क्यों दी गई?

क्या आशीष के घर में होनी थी लूट
अधेड़ महिला ने बबीता से पूछा कि क्या आशीष यहीं रहता है? इस सवाल के मायने भी पुलिस तलाश रही है। बबीता के पड़ोस में आशीष नाम का युवक रहता है।

पुलिस का मानना है या तो वह आशीष के घर लूट करने आए थे या उन्होंने पहले से जानकारी जुटा रखी थी। हालांकि पुलिस एक तीसरी लाइन पर भी जांच कर रही है जो लूट की कहानी को संदिग्ध बना देती है।

दो दिन पहले हुई थी क्षेत्र में डकैती
बबीता के घर से आधा किलोमीटर पहले मोथरोवाला डांडी में रविवार रात को डकैती हुई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर ही रही थी कि दूसरी वारदात ने उसके होश उड़ा दिए। हालांकि पुलिस पहली वारदात को जल्द खोलने का दावा कर रही है।
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