राजधानी देहरादून में बीस दिन से चल रही चोरों की लुकाछिपी के बीच रविवार रात बदमाशों ने परवल गांव में दो परिवारों को बंधक बनाकर कई लाख रुपये की संपत्ति लूट ली।
विज्ञापन
हथियारों से लैस बदमाशों ने किसी से मारपीट तो नहीं की, लेकिन लगातार सीने में गोली उतारने की धमकी देते रहे। दहशतजदा परिजनों ने अपने हाथों ने नकदी और जेवरात बदमाशों को थमा दिए।
सूचना एसएसपी की अगुवाई में कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मुआयना किया। सहसपुर थाने की सीमा से सटे पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के परवल गांव में खेतों के बीच कई परिवारों ने मकान बना रखे हैं। इनमें किसान खेमचंद जोशी और सेलाकुई की फैक्ट्री में अकाउंटेंट नवीन शर्मा के मकान आसपास हैं।
विज्ञापन
11 लोगों को कमरे में किया बंद
रविवार रात करीब पौने ग्यारह बजे चार बदमाश सड़क पर लगी लाइट बुझाकर खेमचंद जोशी के घर पहुंचे। जोशी के बाहर सो रहे बेटे प्यारेराम और भतीजे रोहित को तमंचे दिखाकर बदमाशों ने अपने कब्जे में कर लिया।
बाहर बंधी गाय चिल्लाई तो जोशी की पत्नी फूल्लो बाहर निकलीं। बदमाशों को देख उनकी चीख निकल गई। इतने में सभी परिजन जाग गए।
तमंचे से डराते हुए बदमाश प्यारे राम और रोहित को अंदर ले आए। बदमाशों के धमकाने पर परिवार ने घर में रखे 13 हजार रुपये और सोने के जेवर उन्हें थमा दिए।
बदमाश कमरे में बच्चों समेत 11 लोगों को बंद कर खेमचंद जोशी को खींच ले गए। जोशी के बुलाने पर नवीन शर्मा जैसे ही बाहर निकले, बदमाशों ने दबोच लिया। नवीन और पत्नी नम्रता को तमंचे के बल पर अंदर ले गए।
कुंडी लगाने के बाद भाग निकले
जहां खौफजदा दंपति ने बिना विरोध घर में रखे 7 हजार नकद, सोने का हार, बाली, टीका, झुमके, मंगलसूत्र आदि हाथ में रख गए। सामने से आ रहे एक वाहन की लाइट पड़ते ही बदमाश जोशी और नवीन के परिवार को कमरे में बंद कर कुंडी लगाने के बाद भाग निकले।
करीब पौन घंटे बाद नवीन ने दरवाजा पीटकर बराबर में सो रही बहन सरिता को जगाया, उसने बाहर से कुंडी खोली।
सूचना मिलते ही देर रात पुलिस मौके पर पहुंच गई। सुबह एसएसपी अजय रौतेला, एसपी सिटी नवनीत भुल्लर कई थानों की पुलिस के साथ पहुंचे। पीड़ितों से गहराई से पूछताछ के बाद पुलिस ने आस-पास का भी जायजा लिया।
बदमाश पुलिस सर्विलांस के फंडे से वाकिफ थे, शायद इसीलिए लूटपाट के दौरान उन्होंने मोबाइल लूटने का रिस्क नहीं लिया। उन्होंने नवीन के मोबाइल की बैटरी, सिम निकाल अलग रख दिया और लैपटॉप भी जाते वक्त बिस्तर पर फेंक गए।
नकाबपोश था एक बदमाश चार बदमाशों में एक ही चेहरा छिपाए था। दोनों घरों में उसी ने नकदी-जेवरात कब्जे में ली। वह बराबर गोली मारने की धमकी देता रहा। उसकी उम्र करीब 35-38 रही होगी। संभावना है कि वह आसपास का हो सकता है,पहचान छुपाने को उसने चेहरा ढका था।
नहीं खुलवा सके दूसरा कमरा अकाउंटेंट नवीन शर्मा की बहन सरिता बराबर के कमरे में सोती है। शर्मा के कमरे में लूटपाट के बाद बदमाश दूसरा कमरा खुलवाना चाहते थे, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके।
लोकल गैंग मान रही है पुलिस वारदात में पुलिस लोकल गैंग का हाथ मान रही है। एसएसपी अजय रौतेला ने बताया कि बदमाशों की बोल-चाल से लगता है कि वे आसपास के हैं। एसओजी टीम के अलावा सहसपुर और पटेलनगर पुलिस को टोह में लगाया है। जल्द ही कामयाबी मिलने की उम्मीद है।