इसके बाद इसी अवधि में उसने पहले कैनरा बैंक फिर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और फिर सहकारी बैंक से लोन लिया। अग्रवाल ने किसी भी बैंक का लोन नहीं चुकाया। इस बीच कैनरा बैंक ने यह जमीन जब्त कर ली। इसके बाद पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के अधिकारी जब जमीन जब्त करने पहुंचे तो पता चला कि यह कैनरा बैंक की प्रापर्टी है।
इसी क्रम में सहकारी बैंक ने भी जमीन पर अपना अधिकार जताया। इसके बाद ही पूरा मामला खुला और इसकी परत दर परत खुलती चली गई। इस क्रम में रविवार को राजकुमार अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।