अनिल भूटानी ने उन्हें लोन दिलाने का भरोसा दिया, लेकिन इसके एवज में उन्होंने कुछ रुपये देने की बात कही। इसके बाद अनिल भूटानी ने उनकी मुलाकात मुंबई के रहने वाले और कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रशील सिंह, विकास जैन, अंकुर दीवान और दिल्ली के रहने वाले लक्ष्मी राजा से कराई।
आरोपियों ने लोन दिलाने के एवज में 18 लाख 21 हजार रुपये अपने-अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। कई दिन तक कुछ न होने पर प्रेमचंद ने कंपनी के अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की। मगर सभी के फोन बंद मिले। इसके बाद वह दिल्ली स्थिति कंपनी के ऑफिस पहुंचा तो वहां भी ताला पड़ा मिला। अपने साथ ठगी का अहसास होने के बाद प्रेमचंद ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को पूरी बात बताई। पीड़ित की तहरीर पर पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।