अरुणाचल प्रदेश से लीसा निकालने का काम करने अल्मोड़ा के सोमेश्वर में आए पांच मजदूरों ने निकटवर्ती सैजारी गांव से लगे एक जंगल में कथित तौर पर गोपाल सिंह राणा की बछिया को मारकर उसका गोश्त खा लिया।
किसी ग्रामीण ने मजदूरों को बछिया जलाते देख लिया। मंगलवार की शाम हुई इस घटना की जानकारी मिलने पर गांव के कई लोगों ने जंगल में पहुंचकर पांचों मजदूरों को घेर लिया और उनकी पिटाई की। इस बीच पुलिस मौके पर पहुंचकर मजदूरों को छुड़ा लाई।
बाद में सोमेश्वर बाजार में विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मजदूरों को ला रही पुलिस की कार को घेर लिया।
नाराज लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी मजदूरों पर कालिख पोतने पर अड़ गए, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक बाजार में अफरा-तफरी मची रही। नाराज लोगों ने पुलिस की कार में भी काला रंग पोत दिया और कार के भीतर बैठे आरोपियों पर काला रंग डालने लगे।
429 के तहत मामला दर्ज कर मजदूरों को किया गिरफ्तार
गिरफ्तार
इसके चलते पुलिस कर्मियों के कपड़े भी खराब हो गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार गौरी दत्त तिवारी और थानाध्यक्ष केआर आर्या लोगों को समझाकर आरोपियों को थाने ले आए।
बाद में प्रदर्शनकारी थाने में ही पहुंच गए और थाना घेरकर नारेबाजी करने लगे। इस बीच रानीखेत से डीएसपी एनएस नबियाल भी पुलिस फोर्स के साथ थाने पहुंच गए। इसके बाद लोगों को थाने से हटाया गया।
पुलिस ने बताया कि बछिया को मारने के आरोपी विजय मजबू पुत्र तेनजन, अनी बइंग पुत्र भंजय, अशोक हगम पुत्र दुर्गी हगम, केंडल लाली पुत्र डिजमिनी लाली और पेमा छिलिंग पुत्र वाकड़ी (सभी निवासी बमबिला अरुणाचल प्रदेश) को धारा 3/11 उत्तराखंड गौवंशीय संरक्षण अधिनियम और धारा 429 के तहत मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने जंगल से मिले बछिया के शव के अवशेषों का पोस्टमार्टम भी करवा दिया है। मौके से एक कुल्हाड़ी और खुकरी भी बरामद हुई है।