फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किडनी कांड:  मास्टरमांइड डॉ अमित का सहयोगी सूरत में गिरफ्तार, सामने आए कई राज

Sat, 16 Sep 2017 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
गरीबों की किडनी निकालकर दुबई और ओमान के विदेशियों को ट्रांस प्लांट करने वाले गिरोह के सरगना डा अमित के सहयोगी जगदीश को पुलिस ने सूरत से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर देहरादून के लिए रवाना हो गई है।
विज्ञापन


शनिवार रात तक उन्हें यहां पहुंचने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक जगदीश लगातार डा अमित से फोन पर संपर्क में था। किडनी रैकेट में उसका क्या रोल था, यह पूछताछ के बाद ही सामने आ पाएगा। उधर अक्षय के संभावित ठिकानों पर देर रात कार्रवाई चलती रही।

देहरादून-हरिद्वार मार्ग पर लाल तप्पड के गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल की आड़ में किडनी की खरीद-फरोख्त का काला धंधा उजागर होने के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है। छह टीमें मुंबई, सूरत, गुड़गांव, हरियाणा, दिल्ली में डेरा डाले हुए थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

डा अमित की तैयार कराई जन्म कुंडली

पुलिस ने रैकेट में शामिल डा अमित के अलावा उसके बेटे अक्षय और अस्पताल संचालक राजीव चौधरी समेत तमाम आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा ली थी। उसी आधार पर सूरत से जगदीश नाम के व्यक्ति को पकड़ा गया है। फरार डा अमित और जगदीश के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि आरोपी जगदीश को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है। किडनी रैकेट में वह किस तरह डा अमित की मदद करता था, यह पूछताछ में ही साफ हो पाएगा। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस कार्रवाई चल रही है।  बता दे कि पुलिस रैकेट से जुडे जावेद खान निवासी मुंबई को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने किडनी कांड के मास्टर माइंड डा अमित की आपराधिक कुंडली तैयार कर ली है। पुलिस ने 1993 से लेकर 2017 तक उसके अपराधाें को सूचीबद्ध किया है। कप्तान निवेदिता कुकरेती के मुताबिक मुंबई के बाद 1995 में डा अमित के खिलाफ जयपुर के सौदाला क्षेत्र में तीन एफआईआर दर्ज की गई थी।

2000 में आंधप्रदेश और दिल्ली में उसके खिलाफ अंग प्रत्यारोपण के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। 2006 में दिल्ली के निजामूद्दीन, 2011 में चंडीगढ़ और ईडी द्वारा अभियोग पंजीकृत कराए। 2008 में फर्जी पासपोर्ट मामले में गाजियाबद में मुकदमा हुआ। 2013 में गुड़गांव में वह दबोचा गया था।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें