विदेश में कालेधन पर दून के ज्वैलर्स को विभिन्न 16 मामलों में अदालत ने दो साल कैद एवं आठ लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक द्विवेदी की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि प्रत्येक मामले में सजाएं अलग-अलग चलेंगी। मामला मार्च 2012 का है। दोषी ने आयकर विभाग को विदेश में जमा धनराशि का गलत विवरण दिया था।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि 14 मार्च 2012 को पंजाब ज्वैलर्स ग्रुप के खिलाफ सर्च की कार्रवाई की गई। उस दौरान राजू वर्मा ने जेनेवा से संबंधित एचएसबीसी बैंक एकाउंट की जानकारी नहीं दी । इनकम टैक्स विभाग की ओर से आरोपी को 30 जनवरी वर्ष 2015 में उसे अधिनियम की धारा 276 सी (1) के अंतर्गत नोटिस दिया गया।
उसने 26 फरवरी 2015 को इसका जवाब दिया, लेकिन कोई ऐसा दस्तावेज नहीं दिखाया न ही यह बताया कि उसके पास विदेश में यह धनराशि कहा से आई। उसने जो आयकर विवरण दाखिल किया था वह भी गलत था। विदेश में यह खाता 1996 में खोला गया था। इस खाते में 185679 धनराशि थी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी ने सर्च के दौरान 92 लाख रुपये विदेशी खाते में होने की जानकारी अधिनियम की धारा 132 (4) के अंतर्गत दी थी। जो उसने वित्तीय वर्ष 2012-13 की आयकर विवरिणी में दिखाया था।