क्लेमेंटटाउन पुलिस ने बृहस्पतिवार को इमराना हत्याकांड का खुलासा कर उसके शौहर दानिश निवासी हरगनपुर (बिजनौर) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने साली से रिश्तों में बाधा बनने पर बीवी का मर्डर किया था। हत्यारोपी ने घटना में अपने कुछ रिश्तेदारों को भी फंसाने की साजिश रची थी, लेकिन किसी तरह के साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया।
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देहरादून स्थित डोईवाला के जंगल में 24 मई को सूटकेस में मिले महिला के शव की पहचान बुधवार को डीएनए सैंपल रिपोर्ट से इमराना निवासी मोरोवाला के रूप में हुई थी। शव की पहचान होने के कुछ घंटों बाद ही पुलिस कातिल तक पहुंच गई।
क्लेमेंटटाउन एसओ नरेश राठौड ने बताया कि दानिश 2010 में पढ़ाई के लिए देहरादून आया और मोरोवाला में किराये के कमरे में रहने लगा। इसी दौरान गांव की इमराना से दानिश के प्रेम संबंध बन गए। परिजनों की सहमति के बिना दानिश ने इमराना से निकाह कर लिया। बाद में आरोपी के अपनी साली से रिश्ते बन गए।
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बीबी ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था
Murder
साली से रकम उधार लेकर उसने करनपुर में कंप्यूटर सेंटर खोला था। इसी बीच इमराना ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। तभी से वह मकान बदलने और बहन का रुपया वापस करने का दबाव बना रही थी।
एसओ नरेश राठौड़ ने बताया कि 18 अप्रैल को इमराना ने कंप्यूटर सेंटर पहुंचकर हंगामा किया था। यहां इमराना और दानिश में मारपीट तक हो गई थी। इस बात से तनाव में आए दानिश ने बीवी को ठिकाने लगाने का प्लान बना लिया। पलटन बाजार से 1700 रुपये का सूटकेस लेकर रात में घर पहुंचा।
घर के बाहर कपडे़ सुखाने के लिए लगाई गई रस्सी से सोते समय इमराना की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद इमराना के शव को सूटकेस में डाल लिया। सुसराल से बहाना करके बाइक ले आया और सूटकेस बांधकर डोईवाला के जंगल में शव फेंककर वापस आ गया।
क्राइम सीरियल से लिया मर्डर का आइडिया
हत्या
- फोटो : DEMO Pics
शव ठिकाने लगाने के बाद आरोपी ने बीवी के गायब होने का शोर मचा दिया। बाकायदा उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। इमराना का पता लगाने के लिए साढू और उसके भाई ने भरसक प्रयास किए। इसी बात से नाराज दानिश ने पूछताछ में हत्याकांड में उन्हें भी फंसाने का प्रयास किया। पुलिस ने महिला समेत तीन लोगों को बुलाकर पूछताछ की, लेकिन किसी तरह के साक्ष्य नहीं मिल सके।
पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी दानिश क्राइम सीरियल देखने का शौकीन है। एक कहानी में रस्सी से दबाकर गला घोंटने और लाश को सूटकेस में रखकर जंगल में फेंकना दिखाया था। बीवी इमराना का कत्ल करने की ठानी तो दानिश ने उसी कहानी की तरह कत्ल की वारदात को अंजाम दिया।
शिक्षित होने के कारण आरोपी को साइबर क्राइम की पूरी जानकारी है। आरोपी ने घटना से पहले ही अपना मोबाइल बंद कर लिया था। पुलिस की मानें तो आरोपी ने खुद को बचाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी।
पुलिस टीम को पुरस्कार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने एसओ नरेश राठौड़, उप निरीक्षक सुनील, हेड कांस्टेबल विजय प्रताप सिंह, आरक्षी लाखन, पंकज कुमार, राजबीर कुमार, चंडी प्रसाद, डोईवाला के एसएसआई विक्रम सिंह, आरक्षी भूपेंद्र कुमार, धन सिंह, एसओजी के प्रमोद कुमार, देवेंद्र कुमार, विपिन कुमार, चमन कुमार और अरशद अली को पुरस्कृत करने की घोषणा की।