वहीं, इनका हैकिंग का एक नया ही तरीका है। यह फेवीक्विक से एटीएम के बटन को जाम कर यह पूरा खेल करते हैं। एटीएम कार्ड बदलकर व अन्य तरीकों से ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों के पास से कुल 14 हजार रुपये नगद और एक कार बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार कई राज्यों में सक्रिय इस गिरोह में 20 से 25 लोग शामिल हैं। ये सभी आरोपी अलग-अलग जगहों पर विभिन्न तरीकों से घटना को अंजाम देते थे।
दूसरे नाम से गया था पहले भी जेल, होगा मुकदमा
एटीएम फ्रॉड में पुलिस के हत्थे चढ़ा संदीप पहले भी क्लेमेंटटाउन थाना पुलिस ने पकड़ा था। उस वक्त उसने अपना नाम पवन बताया था। पुलिस ने उसे इसी नाम से जेल भेजा। यही नहीं न्यायालय में उसने पवन नाम से जमानत अर्जी लगाई, जिस पर उसे जमानत भी मिल गई। पुलिस संदीप के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी भी कर रही है।
राजधानी में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार ठगी का शिकार एक फौजी की पत्नी हुई है, जिनके खाते से ठगों ने 84 हजार रुपये उड़ा लिए। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पुष्पा शर्मा पत्नी जोगेंद्र शर्मा स्मिथनगर में रहती हैं। जोगेंद्र सेना में हैं। एसओ प्रेमनगर दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि रविवार शाम को पुष्पा शर्मा दशहरा ग्राउंड के यूनियन बैंक एटीएम से पैसे निकालने गईं थीं। उन्होंने एटीएम कार्ड स्वाइप किया, लेकिन मशीन हैंग हो गई। इस पर पीछे खड़े एक व्यक्ति ने उनसे मदद का आग्रह किया तो उन्होंने उसे एटीएम कार्ड दे दिया।
इस पर उसने महिला को पांच हजार रुपये निकालकर दिए और एटीएम कार्ड दे दिया। इसके बाद पुष्पा शर्मा जब घर पहुंची तो उनके फोन पर खाते से रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। पुष्पा के खाते से 84745 रुपये निकाल लिए गए। नेगी ने बताया कि पुलिस टीम ने एटीएम कक्ष में सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।