इस बीच दिव्या ने पारिवारिक न्यायालय में सागर से तलाक की अर्जी डाल दी। सागर को जब यह बात पता लगी तो वह बौखला गया। 25 नवंबर 2014 की रात साढ़े नौ बजे सागर अचानक दिव्या के मायके पहुंच गया।
यहां सागर की दिव्या के पिता जोजफ से बहस हो गई। जोजफ ने गुस्से में आकर सागर को एक तमाचा जड़ दिया। इसके बाद सागर ने खुखरी निकाली और जोजफ पर हमला करने को लपका, लेकिन तभी दिव्या बीच में आ गई। सागर ने दिव्या पर खुखरी से कई वार किए और फरार हो गया।
परिजन दिव्या को लेकर सीएमआई अस्पताल ले गए, लेकिन यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीएम में पता चला कि चाकू के वार से दिव्या का लीवर फट गया था, जिससे अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाह पेश किए गए, जब कि बचाव पक्ष ने तलाक के दस्तावेज प्रस्तुत किया। साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने सागर को हत्या के लिए धारा 302 व 25 आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया है।