महज कुछ पैसों के लिए एक महिला ने ऐसा घिनौना अपराध कर डाला कि एक मां की सारी खुशियां छीन ली। मजबूरी का फायदा उठाकर जो महिला ने किया उसकी अब वो ऐसी सजा भुगतेगी।
मानव तस्करी के मामले में फरार चल रही महिला को गिरफ्तार करते हुए रानीपुर कोतवाली पुलिस ने देहरादून में नगर निगम के एक कर्मचारी को पचास हजार में बेचे गए मासूम को बरामद कर लिया।
बरामद मासूम को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया जिसकी शादी आरोपी महिला ने विकासनगर में एक किसान से करा दी थी। एक बच्चा तो मिल गया लेकिन अभी और भी बच्चे हैं जो आज भी अपनी मां से दूर हैं।
महिला पहले तो मजबूरी का फायदा उठाकर महिलाओं की शादी किसी और से करा देती थी। इसक बाद वह उनके बच्चों को लेजाकर किसी को चंद रुपयों के लिए बेच देती थी। इसी साल सितंबर में मानव तस्करी निरोधक दस्ते की प्रभारी रही निरीक्षक साधना त्यागी ने रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की टिहरी विस्थापित कालोनी में एक घर में चल रहे मानव तस्करी के धंधे का भंडाफोड़ किया था।
दस्ते ने तब बिहार यूपी की दो महिलाओं को गैंग के चंगुल से मुक्त कराया था। तब पुलिस के हत्थे गैंग की सरगना सीता पत्नी सुर्जन, उसकी बहू आशा पत्नी नंदलाल, भाई रामदास, भाभी जनारसी और एक अन्य वारिस अली पुत्र बाबू निवासी सहसवाल बदायूं यूपी को पकड़ा था।
गैंग सरगना का बेटा नंदलाल और एक अन्य आरोपी मांगेराम हाथ नहीं आ सके थे। पुलिस की पड़ताल में सामने आया था कि गैंग बिहार, दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय रहता था और निम्न वर्ग की अकेली महिलाओं को टारगेट करता था। महिलाओं की शादी कराने के बाद उनके बच्चों को बेच दिया जाता था। पुलिस ने पंजाब, देहरादून और हरिद्वार से कई बच्चे बरामद किए थे।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि जांच में रामदास के संपर्क में एक महिला बबीता उर्फ बबली पत्नी सनतपाल निवासी गांव पिजरौल जिला बड़ौत भी थी। महिला को रोडवेज बस स्टैंड से मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया। तब सामने आया कि महिला ने उड़ीसा की महिला प्रतिमा की शादी कुंजाग्रांट विकासनगर के रहने वाले पेशे से किसान प्रवीण से करा दी थी और उसके बेटे को नगर निगम देहरादून में कार्यरत रामकिशन निवासी नालापानी देहरादून को पचास हजार में बेच दिया था।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मासूम को नगर निगम कर्मचारी के घर से बरामद कर लिया गया। वह उसकी अच्छे ढंग से परवरिश कर रहा था। विकास नगर से महिला भी बरामद कर ली गई, जिसकी सुपुर्दगी में उसके बेटे को दे दिया गया। बताया कि आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया है। फरार चल रहे गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।