प्रॉपर्टी डीलर सुभाष सैनी की हत्या का तानाबाना बुनने में शामिल रहे हिस्ट्रीशीटर रितेश शर्मा और निखिल ठाकुर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में निखिल का भाई विक्की ठाकुर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस की मौजूदगी में हिस्ट्रीशीटर रितेश शर्मा और निक्की ठाकुर ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें झूठा फंसाया है। फिर हिस्ट्रीशीटर रितेश शर्मा बेझिझक बोला कि गंगा मैया की कसम अब मैं जेल से आकर पांच हत्या करूंगा। पुलिस मुझे बदमाश बना रही है। मैं पंद्रह साल से शांति से जीवन बीता रहा हूं। यही अलफाज निक्की ठाकुर के भी थे।
कोतवाली रानीपुर कैंपस में पत्रकारों को जानकारी देते हुए सीओ सदर जेपी जुयाल ने बताया कि कुख्यात गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा ने पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान कबूला था कि उसके ही इशारे पर प्रॉपर्टी डीलर सुभाष सैनी की हत्या की योजना बनाई थी लेकिन शूटरों ने गलतफहमी में कंबल कारोबारी अमित दीक्षित की हत्या कर दी थी।
सीओ ने बताया कि बद्रीबावला धर्मशाला के रहने वाले विवेक ठाकुर उर्फ विक्की ने ही प्रॉपर्टी डीलर की रैकी की थी और शूटर मुजाहिद, पप्पू के साथ वह भी निर्मला छावनी में मौजूद था, जहां प्रॉपर्टी डीलर की हत्या होनी थी। हुलिया मिलता जुलता होने से शूटरों ने प्रॉपर्टी डीलर की बजाय कंबल कारोबारी अमित दीक्षित की हत्या कर दी थी।
पुलिस की रडार पर कई युवा
सीओ ने बताया कि कुख्यात गैंगस्टर जीवा के अनुसार पुराना रजिस्ट्री तिराहे के पास न्यू शर्मा ट्रैवल्स पर ही प्रॉपर्टी डीलर के हत्याकांड का तानाबाना बुना गया था।
हिस्ट्रीशीटर रितेश शर्मा, विवेक ठाकुर और उसका भाई निखिल ठाकुर वहीं बैठकर योजना बनाते थे। घटना के बाद विक्की ठाकुर ने न्यू शर्मा ट्रैवल्स पहुंचकर अपने छोटे भाई को मोटरसाइकिल घर ले जाने के लिए दी थी।
बताया कि विवेचक गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी ने शुक्रवार देर रात हिस्ट्रीशीटर रितेश पुत्र कांति प्रसाद निवासी बिडला भवन एवं निखित सिंह ठाकुर उर्फ निक्की पुत्र अरुण ठाकुर निवासी बद्रीबावला धर्मशाला मोतीबाजार को घर से ही गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी, कोतवाली रानीपुर प्रभारी प्रदीप बिष्ट मौजूद रहे।
पुलिस के रडार पर हरिद्वार और रुडकी के कई युवा हैं जो जीवा के संपर्क में है। बकौल पुलिस कि कई युवा जीवा से अक्सर पेशी पर मिलते जुलते हैं और उसके लिए जमीन तैयार करते हैं। ये ही युवक विवादित संपत्तियों के मसले जीवा के दरबार में ले जाते हैं। धनाढ्य लोगों के नाम भी यही उसे सौंपते हैं। विवेचक चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि कई युवकों को चिह्नित कर लिया गया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय है।