देहरादून में आदर्श नगर के चौहरे हत्याकांड में घर की नौकरानी राजी के मुताबिक घर की गैलरी में घुसते ही खून देखकर वह चीखते हुए बाहर भाग आई थी।
कैंट पुलिस को दर्ज कराए बयान
दरवाजे के पीछे खून से लथपथ खड़ा कंवलजीत दिखाई दिया था। अब तक सामने आने से बच रही नौकरानी राजी ने शनिवार को कैंट पुलिस को अपने बयान दर्ज कराए।
इससे पहले मामले में कुल 13 लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। दिवाली की रात आदर्श नगर में कारोबारी जय सिंह, पत्नी कुलवंत कौर, बेटी हरजीत कौर और नातिन सुखमणि की हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपी जय सिंह की दूसरी बीवी का बेटा हरमीत सिंह है।
शनिवार को नौकरानी राजी ने पुलिस को बताया कि रोजमर्रा की तरह दिवाली के अगले दिन सुबह साफ-सफाई के लिए वह मकान पहुंची तो जाली के दरवाजे से ही हरमीत ने माता-पिता के बाहर होने और पानी नहीं आने की बात कहकर सफाई से कराने से इनकार कर दिया था।
दरवाजे के पीछे छिपा था सहमा कंवलजीत
गतिविधि संदिग्ध लगी तो उसने जय सिंह के भतीजे अजित सिंह से शिकायत की। अजित ने फोन किया तो उधर से हरमीत ने ही जवाब दिया।
अजित के कहने पर दरवाजा खोला गया। गैलरी में घुसते ही उसे खून बिखरा नजर आया, जबकि दरवाजे के पीछे डरा सहमा कंवलजीत दिखा। उसके कपडे़ भी खून से सने थे।
यह देख वह घबरा गई और चीखते हुए कोठी से बाहर आ गई। परिजन अंदर गए तो वारदात का पता चला।
अब सोमवार को डीजीपी से मुलाकात
मांगों का ज्ञापन तैयार नहीं होने के कारण पीड़ित परिवार शनिवार को डीजीपी से नहीं मिल सके। जय सिंह के भतीजे सतनाम ने बताया कि मांग पत्र तैयार न होने से आज डीजीपी से नहीं मिल सके। अब सोमवार को मुलाकात की योजना है।